महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप रविवार देर शाम कार सवारों की फायरिंग में हुई युवक की मौत के बाद सोमवार को चार पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीमें हत्यारों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं। पुलिस ने मृतक के चाचा के बयान पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है।
गोशाला मोहल्ला निवासी बिंदर रविवार देर शाम अपने दोस्त छोटन और दिनेश के साथ अल्टो कार में सवार होकर महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप एक चाय के खोखे पर खड़ा था। इसी दौरान वहां एक ब्रेजा कार आई और ब्रेजा में सवार लोगों ने अल्टो सवारों पर फायर कर दिया था।
अल्टो चालक ने कार को दयानंद कॉलोनी की गली में घुसा दिया था। फायरिंग में एक गोली पीछे का शीशा तोड़कर बिंदर की गर्दन में लगी। रविवार देर रात ही पुलिस ने उसका शव अल्टो से बरामद कर लिया था।
वहीं उसके साथी दिनेश और ध्यान सिंह उर्फ छोटन का देर रात तक कोई सुराग नहीं लग पाया था। शहर पुलिस थाना प्रभारी बीर सिंह ने बताया कि सोमवार को दिनेश के सरकारी अस्पताल में दाखिल होने की सूचना पुलिस को मिली। उसके अभी बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। मृतक की उम्र करीब 27 साल थी और वह कैंटर चलाता था। बिंदर की मौत गर्दन में गोली लगने से हुई है।
अस्पताल में दाखिल घायल दिनेश ने बताया कि वे तीनों चाय पीकर जब दुकानदार को पैसे देकर कार में सवार होकर जाने लगे तभी पीछे से बदमाशों ने फायरिंग की। फायरिंग करने के बाद बदमाश दिल्ली रोड की तरफ भाग गए। दिनेश ने किसी प्रकार आपसी रंजिश से भी इनकार किया है। दिनेश ने बताया कि वह घटना के बाद रात को पैदल ही अपने मामा के पास गांव मकड़ानी में चला गया था। सुबह अपने मामा को साथ लेकर दादरी सरकारी अस्पताल पहुंचा। उसने खुद को गुम चोटें लगने की बात कही है।
पोस्टमार्टम के दौरान दादरी सिविल अस्पताल में मौजूद डीएसपी जोगेंद्र व पुलिस। संवाद- फोटो : CharkhiDadri
सिविल अस्पताल में मौजूद मृतक बिंदर के परिजन। संवाद- फोटो : CharkhiDadri