चरखी दादरी। मानसून सीजन में बारिश प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग की खूब परीक्षा ले रही है। दो दिन की राहत के बाद बुधवार को शहर में फिर से बारिश हुई। इसके चलते बाजारों में भरे पानी का स्तर करीब चार इंच बढ़ गया जबकि व्यापारी जलस्तर कम होने की आस लगाए बैठे थे। इतना ही नहीं व्यापारियों ने बताया कि रोहतक रोड रेलवे फाटक के नीचे से पानी की निकासी करने पर रेलवे ने ऐतराज जता दिया है। इसके चलते मंगलवार शाम पांच बजे के बाद से ही पानी की निकासी बंद है। दूसरी ओर चौथे दिन भी पुरानी सब्जी मंडी रोड और मुख्य बाजार की करीब 400 दुकानें नहीं खुल पाईं और इससे चार करोड़ का कारोबार प्रभावित हो चुका है।
दरअसल, रविवार को झमाझम बारिश होने के बाद सोमवार और मंगलवार को मौसम साफ रहा। इन दो दिनों में बाजारों में भरे पानी का कुछ स्तर कम हुआ था। बुधवार सुबह फिर से बारिश हो गई जबकि पानी की निकासी ठप रही। इसके चलते पुरानी सब्जी मंडी रोड पर चार इंच पानी और बढ़ गया। वहीं, पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध न होने पर व्यापारियों ने रोष जताया। व्यापारी नेताओं का कहना है कि मंगलवार को उपायुक्त की मध्यस्थता में जनस्वास्थ्य विभाग के साथ हुई बैठक में उनकी तीन मांगें मानी गई थीं, लेकिन तीनों ही मांगों पर प्रशासन अब तक काम शुरू नहीं करवा पाया है।
व्यापारी नेता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने अब तक न तो ओपन पाइप लाइन डालनी शुरू की है और न ही सदर थाने के पीछे स्थित जोहड़ पर बड़ी क्षमता की मोटर लगाई है। तीसरी मांग पानी निकासी शुरू करने की थी, लेकिन यह भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम रेलवे विभाग ने रोहतक फाटक रेलवे लाइन के नीचे से गुजरने वाले सीवर के पानी को बंद करवा दिया था और इसके बाद से ही मोटर बंद होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही। व्यापारी नेता संदीप फौगाट व जयभगवान मस्ताना ने कहा कि प्रशासन को पानी निकासी के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था जिसमें से 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। उन्होंने बताया कि वीरवार को व्यापार मंडल की कोर कमेटी पदाधिकारी मंत्रणा के बाद अगली रूपरेखा तैयार करेंगे।
- यूं लगा चार करोड़ का फटका
रविंद्र गुप्ता ने बताया कि पुरानी सब्जी मंडी रोड और मेन बाजार में लगातार चौथे दिन भी करीब 400 दुकानें बंद रहीं। सब्जी मंडी और आसपास की मार्केट में करीब एक करोड़ का प्रतिदिन कारोबार होता है। रविवार से लेकर बुधवार शाम तक दुकानों के शटर नहीं उठे और इसके चलते व्यापारियों व दुकानदारों को चार दिन में चार करोड़ का नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि दुकानों के अंदर खराब हुए सामान की स्थिति पता चलने के बाद नुकसान और बढ़ जाएगा।
- गत वर्ष हुआ था डेढ़ करोड़ का नुकसान, अब तक नहीं हुई भरपाई
व्यापारी नेता रविंद्र गुप्ता, संदीप फौगाट, सुरेश पांडवानिया, डॉ. बीएन वर्मा आदि ने बताया कि गत वर्ष भी मानसून में पुरानी सब्जी मंडी रोड की दुकानों में पानी घुस गया था। उस दौरान करीब 150 दुकानदारों को डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उस नुकसान की भरपाई भी अब तक नहीं हो पाई है जबकि लगातार दूसरे साल भी वही हालात बन गए। उन्होंने बताया कि पानी निकासी होने के बाद ही इस साल कितने लाख का माल खराब हुआ, इसका पता लग पाएगा।
- प्रशासन के पास बचे 24 घंटे, व्यापारी ले सकते हैं कड़ा फैसला
व्यापारियों का कहना है कि मंगलवार को उपायुक्त से मुलाकात के दौरान बाजारों से पानी निकासी के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था। बुधवार शाम तक 24 घंटे का समय पूरा हो चुका है जबकि समस्या जस की तस है। अब प्रशासन के पास 24 घंटे शेष हैं और पानी निकासी की उम्मीद बेहद कम है। व्यापारियों का कहना है कि वीरवार को बैठक की जाएगी और उसमें विरोध में पूरा बाजार बंद रखने जैसा निर्णय भी लिया जा सकता है।
आप कार्यकर्ताओं ने पानी में बैठकर जताया रोष
बुधवार को जलभराव को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने अनूठे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष धनराज कुंडू की अगुवाई में कार्यकर्ता लाला लाजपत राय चौक पर पहुंचे और पानी में बैठकर रोष जताया। इस दौरान विभाग, प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और व्यवस्था तंत्र को फेल बताया।
बाजारों में पानी का स्तर और बढ़ गया है। रेलवे के ऐतराज जताने के चलते मंगलवार शाम 5 बजे के बाद से पानी निकासी बंद है। लगातार चौथे दिन भी पुरानी सब्जी मंडी रोड मार्केट बंद रही और व्यापारियों को प्रति दिन एक करोड़ का घाटा झेलना पड़ रहा है। वीरवार को व्यापार मंडल कोर कमेटी की बैठक कर अगला निर्णय लेंगे।
रविंद्र गुप्ता, संरक्षक, नगर व्यापार मंडल
रेलवे फाटक के नीचे से पानी निकासी पर रेलवे ने ऐतराज जताया है और इसके चलते पानी की निकासी प्रभावित है। रेलवे लाइनों के नीचे से पाइप लाइन के जरिये पानी निकासी की जाएगी और पाइप लाइन डालने का काम हमने शुरू करवा दिया है। उम्मीद है जल्द ही शहर से पानी की निकासी हो जाएगी।
बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग