न्याय यात्रा को लेकर गांवों में जनसंपर्क अभियान के दौरान किसानों को संबोधित करते किसान नेता।
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हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के बैनर तले संघर्ष कर रहे किसानों ने मंगलवार से अपनी किसान न्याय यात्रा की शुरुआत की। वे राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी, 352-ए व अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा दिए जाने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी व एसवाईएल नहर का पानी लाने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने यात्रा को लेकर गांवों में जनसंपर्क अभियान भी चलाया।
आंदोलन व यात्रा का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने कहा है कि प्रदेश में विपक्ष बिल्कुल कमजोर पड़ गया है। इसके कारण सरकार ने जनता के बीच से उठ रही जायज मांगों को नजरअंदाज कर तानाशाही रवैया अपनाया रखा है। अब आखिरकार किसानों ने ही विपक्ष की भूमिका निभाने का फैसला किया है। ऐसे में जहां मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं, वहीं किसानों ने भी किसान न्याय यात्रा की शुरुआत कर दी है। किसान यात्रा में शामिल किसानों ने एक स्वर में ऐलान किया कि अगर किसानों को न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री मनोहरलाल को इसका खामियाजा विस चुनाव में भुगतना पड़ेगा। किसान सेवा संघ के विनोद मौड़ी ने कहा कि किसान यात्रा को लेकर क्षेत्र के किसानों में उत्साह है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को किसान यात्रा की शुरुआत छोटूराम स्मारक सांपला से हो चुकी है। यह 24 अगस्त तक चरखी दादरी जिले में पहुंचेगी। इस दौरान दादरी अनाज मंडी में किसानों की सभा होगी। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा।