खातीवास निवासी मृतक किसान धर्मपाल के परिजनों ने मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम और दाह-संस्कार करने से इनकार कर दिया है। फिलहाल धर्मपाल का शव पीजीआई रोहतक के शव गृह में रखा हुआ है। मृतक के परिजनों ने मंगलवार को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, चरखी दादरी डीसी और पीजीआईएमएस निदेशक को भी पत्र लिखा है। पत्र में मृतक के परिजनों ने मांगें पूरी न होने तक शव प्रशासन से न लेने की चेतावनी भी दी है। वहीं, मृतक के परिजनों ने हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के संयोजक रमेश दलाल को आगामी फैसला लेने के अधिकृत किया है।
गौरतलब है कि खातीवास निवासी किसान धर्मपाल का सोमवार को हृदय गति रुकने से देहांत हो गया था। मृतक किसान के शव को परिजन सिविल अस्पताल ले आए थे। इसके बाद सिविल अस्पताल में काफी संख्या में किसान पहुंच गए थे। वहीं, सिविल अस्पताल पहुंचे रमेश दलाल ने मृतक का पोस्टमार्टम पीजीआई में बोर्ड से कराने की पहली मांग रखी थी। इसे प्रशासन ने मान लिया था। सिविल अस्पताल में रमेश दलाल ने सरकार से मृतक के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता और बेटों को नौकरी देने की मांग की थी। सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे मृतक के परिजन शव पीजीआई ले गए थे। सोमवार को परिजनों ने मृतक का शव हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति को सौंप दिया था।
मंगलवार सुबह किसान नेता रमेश दलाल रामनगर धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान फौगाट खाप प्रवक्ता शमशेर खातीवास व धना संयोजक समिति के साथ बैठक कर आगामी रणनीति बनाई गई। वहीं, मृतक के परिवार ने मंगलवार को फैसला लिया कि जब तक हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। मुख्य सचिव, डीसी दादरी व पीजीआई महानिदेशक को लिखे पत्र में परिजनों ने स्पष्ट लिखा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक धर्मपाल का दाह-संस्कार परिजन नहीं करेंगे। मृतक के परिजनों ने इन मांगों पर अगला फैसला लेने के लिए किसान नेता रमेश दलाल को अधिकृत किया है।
सात दिन में धरने से जुड़े दूसरे किसान की हुई मौत
पिछले सात दिनों में धरने से जुड़े दूसरे किसान की मौत सोमवार को हुई है। इससे पहले ढाणी फौगाट निवासी किसान राम अवतार की धरनास्थल पर मौत हुई थी। राम अवतार के परिजनों को जिला प्रशासन की तरफ से 15 लाख की सहायता राशि दी जा चुकी है। वहीं, धरना संयोजक समिति और मृतक किसान के परिजनों ने जमीन एनएच के दायरे में आने से पैदा हुआ तनाव दोनों किसानों की मौत का कारण बताया है।
आंदोलन समिति का सरकार को दिया अल्टीमेटम खत्म
चरखी दादरी जिले में गत 26 फरवरी से एनएच-152 डी के विरोध में किसान रामगनर के समीप धरना दे रहे हैं। इस समय प्रदेश के विभिन्न जिलों में 12 से अधिक धरने चल रहे हैं। मुआवजा राशि बढ़ाने सहित एसवाईएल का पानी लाने व अन्य मांगों को लेकर हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति ने सरकार को 13 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था। यह अल्टीमेटम मंगलवार शाम पूरा हो गया है। किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि बुधवार को किसान अगली रणनीति का खुलासा करेंगे।
चरखी दादरी के डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि अभी पत्र मेरे पास नहीं पहुंचा है। पत्र मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि मृतकों के परिजनों की क्या मांगें हैं। मेरी अपील है कि मृतक किसान का पोस्टमार्टम करवाकर दाह-संस्कार कर दें। जो मांगें हैं उन पर प्रशासन विचार करेगा।