बाढड़ा। अब सुबह-शाम मौसम में हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि दोपहर में धूप खिली रहती है। इस प्रकार का मौसम बच्चों और बुजुर्गों के लिए खासतौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र चांदवास ने बताया कि सर्दी के शुरुआती दौर में तापमान में उतार-चढ़ाव से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और व्यक्ति जल्दी ही बुखार, जुकाम, सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों की चपेट में आ सकता है। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू जैसी मच्छर-संक्रमित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
डॉ. चांदवास ने कहा कि सर्दी के मौसम में हृदय रोग, संधिवात, आमवात, पैरालायसिस, श्वास, दमा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हाइपोथर्मिया, टॉन्सिलाइटिस जैसी बीमारियों के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। जो लोग इन रोगों से पहले से ग्रस्त हैं, उन्हें ठंड से अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
ये सावधानी बरतें
गर्म कपड़े पहनें।
ठंडे खाद्य पदार्थों से बचें।
हल्का गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
सफाई का विशेष ध्यान रखें।
शिशु को तीन दिन से अधिक ज्वर होने पर चिकित्सक को दिखाएं।