चरखी दादरी। शहर के वार्ड-15 स्थित केशवदास मोहल्ले में शुक्रवार देर रात एक मकान में अचानक आग लग गई। हादसे के वक्त घर में सो रहे तीन मासूम भाई-बहन आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। आग लगने का कारण शार्ट-सर्किट बताया जा रहा है।
बता दें कि स्थानीय केशवदास मोहल्ला निवासी राजेंद्र मजदूरी करता है। विवाह-शादी के सीजन के दौरान वह हलवाइयों के साथ हेल्पर के तौर पर काम करता है। वह अपने तीन बच्चों, 11 वर्षीय यश, सात वर्षीय भावना और पांच वर्षीय नव्या के साथ किराये के मकान में रहता है। यश कक्षा छठी, भावना कक्षा तीसरी और नव्या एलकेजी में पढ़ती है। शुक्रवार को वह एक वाटिका में शादी समारोह की बुकिंग में गया हुआ था। पीछे से घर में उसके तीनों बच्चे अकेले थे।
देर रात करीब 11 बजे पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उनके मकान की खिड़की से धुआं निकलता देखा। जिस पर वह बाहर आया तो उसे मकान में आग दिखाई दी। जिस पर उसने आस-पड़ोस के लोगों को सूचना दी। सूचना पाकर काफी लोग वहां आए और जैसे ही मकान का दरवाजा खोला तो उसमें भीषण आग लगी हुई थी। लोगों ने तुरंत डायल 112 पर घटना की जानकारी दी और अपने स्तर पर आग बुझानी शुरू की।
घटना की जानकारी पाकर पुलिस व फायर ब्रिगेड टीमें भी मौके पर पहुंची। वहीं चीख-पुकार सुनाई देने पर पता चला कि तीनों बच्चे भी घर के अंदर ही हैं जिस पर लोगों ने कड़ी मशक्कत करते हुए भीषण आग के बीच से तीनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बच्चे आग की चपेट में आकर झुलस चुके थे।
इसके बाद बच्चों को उपचार के लिए शहर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर चिकित्सकों ने नव्या और भावना को गंभीर अवस्था के चलते प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
घरेलू सामान भी जला
आग लगने से घर में रखा सारा घरेलू सामान भी जलकर राख हो गया। इसमें फ्रीज, टीवी, मशीन, मेज, बैड, पंखे, कपड़े आदि पूरी तरह से जल गए जिससे पीड़ित को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पड़ोसियों के अनुसार गली की चौड़ाई कम होने से फायर ब्रिगेड मकान तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में पड़ोसियों ने सबमर्सिबल मोटरें चलाकर आग पर काबू पाया।
शार्ट-सर्किट बताया जा रहा है कारण
पीड़ित राजेंद्र व आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि शुक्रवार को ही उनके मोहल्ले में बिजली की लाइनें बदली गई थी। राजेंद्र के अनुसार उसकी पत्नी कुछ महीनों से उसके साथ नहीं रहती। शुक्रवार देर शाम को वह काम पर चला गया और पीछे से तीनों बच्चे सो रहे थे। उसी दौरान शार्ट-सर्किट के कारण फ्रिज में आग लगी और उसका कंप्रेसर फट गया। इसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।