नागरिक अस्पताल की आई ओपीडी में बच्चे की आंखों की जांच करते हुए चिकित्सक।
चरखी दादरी। जिले में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। व्यावसायिक गतिविधियों समेत निर्माण कार्याें पर रोक लगाने के बाद आसमान में स्मॉग छाया हुआ है। दूसरी ओर प्रदूषण के बढ़े स्तर के बीच सिविल अस्पताल में आंखों की ओपीडी बढ़ गई है। इस समय रोजाना 100 के करीब ओपीडी है। जिनमें से औसतन 40 मरीज आंखों में जलन या पानी आने के हैं।
जिले में लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ अस्पताल में आंखों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चार दिन पहले जहां आंखों की ओपीडी 60 से 70 तक ही होती थी, वो अब 100 तक पहुंच गई है।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. वरुण का कहना है कि जिले में लगातार प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। जिसके बाद लोगों की आंखों में जलन, पानी बहना व आंखें लाल होना जैसी समस्या आ रही है। उन्होंने लोगों से इस समय आंखों का ध्यान रखने की अपील की है।
दरअसल, ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के बाद लोगों को प्रदूषण की मार से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने आवश्यक हिदायतें जारी की हैं। बावजूद इसके जिले में आंखों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर प्रदूषण का स्तर कम नहीं हुआ तो जल्द ही नेत्र जांच ओपीडी 150 तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर थोड़ी सावधानी बरतें तो नेत्र संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।
- एक्सपर्ट व्यू: ये सावधानी बरतें
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण ने बताया कि पिछले चार दिनों से अचानक आंखों में जलन, पानी बहना व आंखों का लाल होने जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में लोगों को आंखों संबंधी समस्याओं से बचने के लिए कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। इस समय बिना चश्मा लगाए बाहर न निकलें और घर आते ही आंखों को ठंडे पानी से धोएं। इसके अलावा आंखों को बार-बार हाथों से स्पर्श न करें। आंखों में अगर कोई दिक्कत महसूस तो तत्काल विशेषज्ञ से परामर्श लें।