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Charkhi Dadri News: मोबाइल फोन के अधिक प्रयोग से सर्वाइकल का खतरा

Sun, 20 Oct 2024 04:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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मरीज का इलाज करते अस्पताल चरखी दादरी के फिजियोथेरेपिस्ट लोकेश मलिक।
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चरखी दादरी। मोबाइल फोन का अत्यधिक प्रयोग करने से जिले के युवा सर्वाइकल का शिकार हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल की फिजियोथेरेपी इकाई में रोजाना 45 से अधिक युवा सर्वाइकल, कमर दर्द और गर्दन दर्द का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक सर्वाइकल के कई रोगियों की उम्र महज 15 साल भी है और उन्हें मोबाइल का प्रयोग न करने की सलाह दी जा रही है।
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नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी इकाई शुरू हुए पांच साल हो चुके हैं। फिजियोथेरेपी यूनिट की दैनिक ओपीडी 80 से अधिक है। पिछले छह माह से जिले में सर्वाइकल रोगियों की संख्या बढ़ी है। पिछले एक माह में 2,000 से अधिक मरीज फिजियोथेरेपी इकाई में उपचार करवाने पहुंचे हैं और इनमें 30 वर्ष से कम उम्र के मरीजों की संख्या अधिक है।

इनमें से 40 मरीज सर्वाइकल के होते हैं जबकि 25 कमर दर्द और 15 घुटनों के दर्द के हैं। घुटनों के दर्द की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की उम्र 50 वर्ष या इससे अधिक है जबकि सर्वाइकल के ज्यादातर मरीज 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। पीठ दर्द से परेशान ज्यादातर मरीजों की उम्र 30 से 40 वर्ष तक है। विशेषज्ञ ने सर्वाइकल का शिकार बने युवाओं से पूछताछ की तो पता चला कि वह मोबाइल का ज्यादा प्रयोग करते हैं।
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- कोई 11 बजे तक तो कोई दो बजे तक चला रहा मोबाइल



फिजियोथेरेपिस्ट लोकेश मलिक के मुताबिक सर्वाइकल का शिकार बने मरीजों की काउंसलिंग की जाती है। इसके जरिये रोगी की दिनचर्या जानी जाती है। पूछताछ में सामने आया कि कुछ युवा रात 11 बजे तक तो कुछ दो बजे तक मोबाइल का उपयोग करते हैं। यह आदत ही उन्हें रोगी बना रही है। कई छात्र सर्वाइकल का उपचार करवा चुके हैं।



- 5-6 विजिट में मिलती है दर्द से निजात



सर्वाइकल और कमर दर्द रोगियों को फिजियोथेरेपी इकाई में 5-6 बार बुलाया जाता है। मरीज की पहली तीन विजिट दो से तीन दिन के अंतराल पर होती हैं जबकि अंतिम तीन विजिट में चार से पांच दिन का अंतर रखा जाता है। ये विजिट पूरी करने के बाद मरीजों को दर्द से राहत मिल जाती है।



- सर्वाइकल से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान



- घंटों तक मोबाइल का प्रयोग न करें और शरीर का आराम भी दें।

- गर्दन की मांसपेशियों को आराम देने के लिए छोटे ब्रेक लें।
- कंप्यूटर पर काम करते समय अपना आसन ठीक रखें।

- कुर्सी पर सीधे बैठें और लोअर बैक को सहारा दें।

- सोने के लिए सही तकिए का इस्तेमाल करें।

- ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठें।
- दर्द होने की स्थिति में गर्दन घुमाते रहें।




मोबाइल फोन के अधिक प्रयोग से मेरी परेशानी बढ़ी। फिजियोथेरेपी से मुझे आराम मिला है। सर्वाइकल से बचने के लिए मोबाइल से दूर बनाना जरूरी है। मोबाइल का प्रयोग कम करना ही इससे बचाव है। युवाओं को मोबाइल से परहेज रखना चाहिए। इसलिए मैंने मोबाइल चलाना कम कर दिया है। - रिकेश कुमार।




मोबाइल सर्वाइकल का कारण बन रहा है। इसलिए मैंने मोबाइल का इस्तेमाल कम कर दिया है। मेरी कई सहेलियों ने भी मोबाइल का उपयोग कम किया है। मोबाइल से सबको उचित दूरी रखनी चाहिए। लंबे तक इसका इस्तेमाल न करें। जरूरी काम के लिए ही मोबाइल का इस्तेमाल किया जाए। - प्रियंका कन्हेटी।






युवा सर्वाइकल का अधिक शिकार बन रहे हैं। इसका सबसे मुख्य कारण घंटों तक मोबाइल का प्रयोग करना है। फिजियोथेरेपी इकाई में रोजाना करीब 90 मरीज पहुंचते हैं और इनमें से 55 फीसदी की उम्र 30 वर्ष से कम होती है। - लोकेश मलिक, फिजियोथेरेपिस्ट, सिविल अस्पताल, चरखी दादरी।
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