चंपापुरी स्थित मुख्य कार्यालय जनस्वास्थ्य विभाग।
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की कमी के कारण जनहित के कई विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। निश्चित समय अवधि के अंदर जनसमस्याओं का निपटारा भी नहीं हो रहा। तीनों विकासखंडों में एसडीओ का पद खाली होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिलावासियों ने राज्य सरकार से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सभी खाली पदों को जल्द भरवाने की मांग की है।
जिले के जनस्वास्थ्य विभाग में एसडीओ के तीन पद खाली हैं। शहर में स्थायी एसडीओ तैनात करने की बजाय कार्यवाहक से काम चलाया जा रहा है। इस एसडीओ के पास नारनौल का पदभार पहले से है और अब शहर के साथ बाढड़ा का भी उन्हें कार्यभार सौंपा गया है। इस कारण पूरा समय शहर के लिए देना संभव नहीं है। शहर के कई वार्डों में सीवर व्यवस्था बेपटरी है। एडीसी विश्वजीत चौधरी ने वीरवार शाम औचक निरीक्षण किया तो इसकी बानगी देखने के लिए मिली।
वहीं, मंडल-2 और झोझूकलां क्षेत्र में भी स्थायी एसडीओ की नियुक्ति न होने से कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए तैनात एसडीओ के सेवानिवृत्त होने के बाद शुक्रवार से एसडीओ मोहनलाल ने कार्यभार संभाल लिया है।
- 80,000 की आबादी हो रही है प्रभावित
उपमंडल दो के अधीन 29 गांवों आते हैं। वहीं, झाेझूकलां खंड में एसडीओ न होने से करीब 80,000 की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों में पानी से संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं जिनका निदान नहीं हो पा रहा। खंड के लोगों ने विभाग से स्थायी अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है।
एक एसडीओ ने शुक्रवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। बाकी खाली पदों को भी जल्द भरवाया जाएगा और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है। - सोहनलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।