चरखी दादरी। गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार किसान अपनी उपज बेचने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि जिले में गेहूं खरीब के लिए बनाए गए आठ में से पांच केंद्रों पर किसान अभी तक अपनी उपज लेकर ही नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में इन केंद्रों से सरकारी एजेंसी गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीद पाई है। वेयर हाउस की अगर बात करें तो तीन केंद्रों में से एक पर भी अब तक गेहूं की खरीद नहीं हुई है। गेहूं कम पहुंचने से हैफेड की खरीद प्रक्रिया भी पिछले वर्षों की तुलना में ढीली ही चल रही है। वहीं, उठान और भुगतान की स्थिति इस बार ठीक है।
पिछले दो सीजन से किसानों को सरसों के दाम एमएसपी से ऊपर ही मिल रहे हैं। ऐसे में वे अपनी सरसों निजी फर्मों को ही बेच रहे हैं। जबकि इस सीजन में गेहूं बेचने को लेकर भी किसान आगे नहीं आ रहे। जिले में गेहूं खरीद के लिए जो आठ केंद्र बनाए गए हैं, उनमें दादरी, बाढड़ा, बौंदकलां, छपार, बधवाना, झोझूकलां, कादमा व बेरला हैं। गेहूं की कम आवक के चलते जिले केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है। दादरी, बौंदकलां और छपार के अलावा को छोड़कर अब तक अन्य पांचों केंद्रों पर गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
इस बार दादरी मंडी में भी गेहूं की आवक सात अप्रैल के बाद शुरू हुई है। दादरी मंडी में शेड्यूल अनुसार वेयर हाउस और हैफेड को गेहूं खरीद करनी है, जबकि बेरला, बधवाना, छपार और कादमा में हैफेड को खरीद करनी है। वहीं, बाढड़ा व झोझूकलां में खरीद की जिम्मेदारी वेयर हाउस को दी गई है। इस लिहाज से जिले में वेयर हाउस को तीन और हैफेड को पांच केंद्रों पर गेहूं की खरीद करनी है।
वेयर हाउस अब तक दादरी मंडी में भी नहीं खरीद पाई गेहूं
नई अनाज मंडी के लिए तैयार खरीद शेड्यूल की अगर बात करें तो सोमवार, मंगलवार, वीरवार व शुक्रवार को हैफेड खरीद करेगी, जबकि मंगलवार व शनिवार को वेयर हाउस को खरीद करनी है। हैफेड ने तो शहर की अनाज मंडी में अब तक किसानों से गेहूं खरीदा है, लेकिन वेयर हाउस अब तक खरीद नहीं कर पाई है।
19370 क्विंटल गेहूं का हो चुका उठान
नई अनाज मंडी में अब तक 113 किसानों से 7,916 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। छपार खरीद केंद्र पर अब तक 55 किसानों से 3439 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। बौंदकलां खरीद केंद्र पर अब तक 199 किसानों से 19564 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। वहीं, खरीद एजेंसी हैफेड अब तक 19370 क्विंटल गेहूं का खरीद केंद्रों से उठान करवा चुकी है।
61 प्रतिशत से अधिक किसानों के खाते में डाले 3.90 करोड़ रुपये
जिले में अब तक 30,870 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। 2015 रुपये के रेट के हिसाब से इस गेहूं की खरीद राशि छह करोड़ 19 लाख बनती है। अब तक जिले में 367 किसानों ने सरकारी खरीद एजेंसी को गेहूं बेचा है और इसकी एवज में एजेंसी तीन करोड़ 90 लाख रुपये का भुगतान कर चुकी है। हैफेड अधिकारियों के अनुसार 61.59 प्रतिशत किसानों के खातों में राशि डाली जा चुकी है।
मंगलवार को ये रही खरीद की स्थिति
मंगलवार को मंडी में फसल की खरीद व आवक दोनों कम रही। मंगलवार को 52 किसानों से 4100 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई, जबकि 70 किसानों ने निजी फर्मों को 1811 क्विंटल सरसों बेची। मंगलवार को 40 लैब सरसों का भाव करीब 6650 रुपये प्रति क्विंटल रहा। शहर की नई अनाज मंडी में सात किसान अपनी गेहूं की फसल लेकर पहुंचे लेकिन उन्होंने सरकारी रेट पर गेहूं नहीं बेचा। वहीं, छपार में 14 किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे।
एजेंसी को जो केंद्र अलॉट हैं उन पर अब तक एक भी किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचा है। खरीद की तैयारियां पूरी हैं।
- धर्मेंद्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वेयर हाउस
हमारी एजेंसी किसानों से गेहूं खरीद रही है। उठान के साथ भुगतान की स्थिति भी ठीक है। 367 किसानों में से 226 का भुगतान अब तक हम कर चुके हैं।
- वीरेंद्र सिंह, परचेज मैनेजर, हैफेड