बाढड़ा। कस्बे में बस स्टैंड बने 15 साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक लंबे और लोकल रूटों पर पर्याप्त बस सेवा नहीं है। बसों की कमी से परिवहन सेवाएं बेपटरी हैं और उपमंडलवासी परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं।
बाढड़ा उपमंडल के लोग इस समय दादरी और लोहारू डिपो से संचालित होने वाली बसों पर ही निर्भर हैं, क्योंकि बाढड़ा बस स्टैंड से एक भी बस का संचालन नहीं किया जाता। उपमंडलवासियों ने बाढड़ा बस स्टैंड को सब डिपो का दर्जा देने की मांग की है ताकि परिवहन सेवाएं बेहतर हो सके।
दादरी में परिवहन डिपो तो है, लेकिन एक भी बस डिपो नहीं है। बाढड़ा में बस स्टैंड पहले से है जबकि झोझूकलां व कादमा में नए बस स्टैंड बनाए गए हैं। दादरी के बाद बाढड़ा सबसे पुराना बस स्टैंड है और यहां से बसों का संचालन नहीं होता। विभागीय सूत्रों की माने तो डिपो या सब डिपो स्तर से बसों का संचालन होता है। बाढड़ा बस स्टैंड से बसों का संचालन सब डिपो बनने के बाद ही संभव है।
वहीं, दैनिक यात्री सुरेश, प्रवीन, नवीन, अशोक, अजीत, बंटी, सोहन लाल, गिरधारी लाल, जितेंद्र आदि ने बताया कि बाढड़ा में बस स्टैंड बने 15 साल से अधिक का समय हो गया है। अब भी लंबे व लोकल रूटों पर पर्याप्त बसें नहीं चल रही हैं जिससे ढिगावा रूट, कादमा रूट, हडोदी, कालूवाला होते हुए भिवानी रूट, द्वारका, श्यामकलां, कारी रूट, आर्यनगर, खोरड़ा होते हुए लोहारू आदि रूटों पर पर्याप्त बसें नहीं चलने से ग्रामीणों को आने-जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं। ग्रामीण कई बार विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से बसें चलाने की मांग कर चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों के पास वाहन नहीं उन्हें घंटों शहर आने-जाने के लिए अन्य लोगों के वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। लंबे रूटों के लिए भी लोगों को काफी कठिनाइयां होती हैं।
इन रूटों पर नहीं चलती सीधी बस
बाढड़ा से सीधी दिल्ली, चंडीगढ़, नारनौल, भिवानी, हिसार, रेवाड़ी, गुरुग्राम, राजस्थान के पिलानी, जयपुर, सीकर, झुंझनू, के लिए यहांं से सीधी बसें नहीं चल रही है जिससे आम लोगों को यहां से कहीं दूर शहर जाना हो तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोग बोले : परिवहन सेवाओं के विस्तार की सख्त जरूरत
लोकल रूटों पर बसें नहीं चलने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बारे में रोडवेज डिपो अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी दे चुके हैं। अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है और लोग परेशान हैं। -प्रवीन, हंसावास
लोकल रूटों पर पर्याप्त बसें नहीं चलने के कारण स्कूल- काॅलेज में जाने वाले छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जिससे वे समय पर शिक्षण संस्थान में नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। -जितेंद्र, डांडमा
लोगों को रोजमर्रा के कार्य के लिए बाजार जाना पड़ता है। लोकल व लंबे रूटों पर बसें नहीं चलने से लोग परेशान हैं। लोगों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है फिर भी वे अपना कार्य भी नहीं कर पाते। लोकल रूटों पर बसें चलानी चाहिए।- संदीप, कारीमोद
लंबे व लोकल रूटों पर पर्याप्त बसें नचलने के कारण छात्रों को काफी दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। इस बारे में कई बार युवा भी अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। अजीत कुमार, गोपी
जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व परिवहन मंत्री अनिल विज से मिलकर कस्बे के बस स्टैंड से लंबे व लोकल रूट के लिए बसों की संख्या बढ़ाने की मांग करेंगे।
उमेद पातुवास, विधायक, बाढड़ा।