बाढड़ा। खंड की ग्राम पंचायतों में सामने आए गबन मामले में दो फर्मों ने 34 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। ये राशि ग्राम पंचायतों के खातों में जमा करवाई गई है। मामले के जांच अधिकारी एवं एसडीएम संजय सिंह ने इस संबंध में पत्र क्रमांक 215 जारी किया था, जिसमें सात फर्मों और गबन के आरोपी ग्राम सचिव को गबन की गई राशि जमा करवाने के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि खंड विकास एवं पंचायत विभाग की लेखाकार शाखा से करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का रिकॉर्ड गायब है, जबकि ग्राम सचिव मुकेश का गबन भी उजागर हो चुका है। करीब दो करोड़ के गबन में ग्राम पंचायतों के खातों से राशि फर्मों को ट्रांसफर की गई थी। पंचायत विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसमें तत्कालीन व मौजूदा बीडीपीओ के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और बैंक अधिकारी या कर्मचारी की मदद से यह गबन किया गया। इस मामले की जांच एसआईटी के अलावा बाढड़ा एसडीएम भी कर रहे हैं।
इस संबंध में उन्होंने पत्र जारी कर सात फर्मों व आरोपी ग्राम सचिव को गबन राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे। उनके आदेश के बाद दो फर्मों ने करीब 34 लाख की राशि जमा करवाई है। एक फर्म ने 30 लाख 13 हजार 412 रुपये की राशि जमा करवाई है। उक्त फर्म ने ग्राम पंचायत सूरजाढाणी में आठ लाख 26 हजार 290 रुपये, रामपुरा में छह लाख 47 हजार 200, डोहका मौजी में 12 लाख 59 हजार 922 और डोहका दीना में दो लाख 80 हजार रुपये जमा करवाए हैं। वहीं, दूसरी फर्म ने रामपुरा ग्राम पंचायत में एक लाख 60 हजार रुपये, डुडीवाला नंदकरण में दो तीन हजार 204 रुपये जमा करवाए है।
पांच फर्मों ने अभी नहीं किया आदेशों का पालन
गबन मामले में अभी भी पांच फर्मों ने एसडीएम के आदेशों का पालन नहीं किया है। हालांकि अभी उनके पास इसके लिए 25 अप्रैल तक का समय है और उसके बाद मामले के जांच अधिकारी एवं एसडीएम इस मामले में अगला कदम उठाते हुए कार्रवाई अमल में लाएंगे।