नए कृषि कानूनों के विरोध में कितलाना टोल प्लाजा पर दादरी और भिवानी के किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। दोनों जिलों के किसानों ने लगातार 11वें दिन भी टोल प्लाजा स्टाफ को यहां से गुजरने वाले वाहनों से टोल फीस नहीं लेनी दी गई। सोमवार को राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन से जुड़े व्यापारी आंदोलन के समर्थन में उतरे।
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने कहा कि बाजारों में रौनक किसानों की बदौलत ही है। खेती और व्यापार एक दूसरे के पूरक हैं। अगर किसान खुशहाल होगा तो इसका लाभ व्यापारी को मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नए कृषि कानून बनाकर किसान और व्यापारी दोनों पर कड़ी चोट मारी है।
कृषि कानून को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं पीएम : रणसिंह मान
धरनास्थल पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मसले में अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 40 दिन से कंपकंपा देने वाली ठंड के बीच कई किसान अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों किसान दिल्ली बॉर्डर और विभिन्न टोल पर धरनारत हैं। प्रधानमंत्री पहल करके किसानों की तीन कृषि कानून रद्द करने के साथ एमएसपी की गारंटी देने और विद्युत अधिनियम 2020 वापस लेने की मांगें पूरी करें।
इनकी अगुवाई में दिया धरना
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर खाप 40 सांगवान के सचिव नरसिंह डीपीई, खाप फौगाट के प्रधान बलवंत नंबरदार, खाप 25 श्योराण सर्वजातीय के प्रधान बिजेंद्र बेरला, भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जगबीर घसोला, चौधरी छोटूराम और आंबेडकर मंच के संयोजक गंगाराम श्योराण, किसान सभा के करतार ग्रेवाल, जाटू खाप के मास्टर राजसिंह, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के सज्जन सिंगला के संयुक्त संयोजन में सोमवार को धरना दिया गया।
ये पहुंचे समर्थन देने
धरनास्थल पर कामरेड ओमप्रकाश, सुरेंद्र परमार, नरेंद्र फरटिया, व्यापार मंडल के देवराज मेहता, प्रेम धमीजा, साहिल मंगू, प्रवक्ता रामावतार तायल, जितेंद्र कपूर, राजू मान, कमल प्रधान, धर्मेंद्र छपार, रत्तन सिंह, सूरजभान सांगवान, प्रीतम चेयरमैन, पूर्व सरपंच नरेंद्र फतेहगढ़, राजपाल सांगवान, सुरेश फौगाट, बलवान पार्षद आदि मौजूद रहे।