शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल की प्राइमरी विंग में पढ़ाई करते विद्यार्थी।
चरखी दादरी। अब शिक्षा विभाग ड्रॉप आउट बच्चों की काउंसिलिंग व विशेष ट्रेनिंग के जरिये फिर से स्कूल में दाखिला करवाएगा। इसके लिए विभाग 6 से 14 और 15 से 19 साल के बच्चों का सर्वे के जरिये डाटा एकत्रित कर रहा है। सर्वे में सामने आए तथ्यों के अनुसार बच्चे आर्थिक, शैक्षिक कमजोरी व उचित शैक्षिक वातावरण न मिलने की वजह से स्कूल छोड़ रहे हैं।
एक अप्रैल से जब शिक्षा सत्र शुरू होता है तो शिक्षक भी डोर-टू-डोर संपर्क कर दाखिला बढ़ाने का प्रयास करते हैं। शिक्षक अभिभावकों के भी संपर्क में रहते हैं ताकि छात्र संख्या को बरकरार रखा जा सके। आजकल शिक्षक स्कूलों में मेहनत भी करने लगे हैं। जब छात्र-संख्या घटती है तो शिक्षकों के पद खत्म होने का भी अंदेशा बन जाता है, ऐसे में शिक्षक इस दिशा में जी जान से प्रयास करते हैं। पिछले साल सरकार ने प्रदेश भर में हजारों की संख्या में शिक्षकों के पदों को कैप्ट कर दिया था।
शिक्षा विभाग ने आजकल शिक्षा के साथ-साथ पाठ्य सहगामी क्रियाओं पर भी फोकस कर रखा है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बनी रहे। अब विभाग ड्रॉप आउट बच्चों का डाटा जुटाने में जुटा है। ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है जो छह से 14 व 15 से 19 वर्ष के बीच है और स्कूल छोड़ चुके हैं। इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगा रखी है। शिक्षक घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। डाटा एकत्रित होने के बाद ऐसे बच्चों की काउंसिलिंग की जाएगी और उन्हें विशेषज्ञ ट्रेनिंग देकर अभिप्रेरित करेंगे ताकि वे फिर से स्कूल में दाखिला करवा सकें।
गत वर्ष के मुकाबले घटे तीन हजार विद्यार्थी
राजकीय स्कूलों में मौजूदा शैक्षिक सत्र में गत वर्ष की तुलना में करीब तीन हजार विद्यार्थी घटे हैं। ये पहलू भी विभागीय अधिकारियों के जहन में है। उच्चाधिकारियों के निर्देश है कि ड्रॉप आउट बच्चों को फिर से स्कूलों में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाए।
अभिभावकों को भी करेंगे प्रेरित
ड्राप आउट बच्चों को फिर से स्कूलों से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग बच्चों के साथ अभिभावकों की भी काउंसिलिंग करवाएगा। अभिभावकों को भी अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा। जल्द ही यह काम पूरा होने की उम्मीद है। काउंसिलिंग के लिए अलग से सेंटर बनाया जाएगा। डाटा एकत्रित होने के बाद संख्या पहले कलेस्टर बाद में खंड शिक्षा कार्यालय व तत्पश्चात जिला शिक्षा शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इसकी समीक्षा होगी।
शिक्षा विभाग सर्वे का काम जल्द पूरा करने जा रहा है। सर्वे अंतिम चरण में है। उसके बाद डाटा एकत्रित कर इन बच्चों की काउंसिलिंग की जाएगी ताकि उनका फिर से स्कूलों में दाखिला करवाया जा सके।
डॉ. महेंद्र सिंह, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन, शिक्षा विभाग