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शिक्षा:
अमर उजाला खास खबर:
- शिक्षा हासिल करने में पीछे रहने वाले क्षेत्रों में एक जनवरी से पहुंचेंगी टीमें, पढ़ाई से वंचित 7 साल से अधिक उम्र के बच्चों की जाएगी पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शिक्षा हासिल करने में पीछे चल रहे क्षेत्रों का जिला शिक्षा विभाग सर्वे करेगा। एक जनवरी से यह कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। इसमें जो बच्चे स्कूल की पहुंच से बाहर हैं या जो सबसे कमजोर श्रेणियों में आते हैं, उनकी पहचान की जाएगी।
जिले में यह सर्वे समग्र शिक्षा विभाग चेयरमैन और एडीसी विश्वजीत चौधरी के मार्गदर्शन में किया जाएगा। इसके लिए डीईओ कृष्णा फोगाट और डीईईओ नवीन नारा बैठक कर सर्वे के लिए कमेटी गठित करेंगे। इसमें एससी और एसटी समुदायों, सड़क पर रहने वाले बच्चों, भिखारियों, अनाथ, बेघर बच्चों, प्रवासी बच्चों, विमुक्त आदि जनजाति समूहों आदि की आबादी की उच्च उपस्थिति वाले स्थानीय समुदायों के भीतर स्कूलों से बहिष्कार के क्षेत्र में रहने वाले 7 साल से अधिक उम्र के विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी।
जिला स्तर पर डीपीसी एडीसी की अध्यक्षता में बीईओ, बीआरसीएस, बीईईओ, क्लस्टर प्रमुख, एपीसी, एबीआरसी, शिक्षा स्वयंसेवक, जिला समन्वयक (स्काउट्स एंड गाइड्स), जिला समन्वयक (एनएसएस) के प्रशिक्षण में शामिल गैर सरकारी संगठनों के समन्वयकों के साथ बैठक करेंगे। स्कूल के शिक्षक जिले में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करते हुए बाकी क्षेत्र में सर्वेक्षण करेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीसी) को सर्वेक्षण के क्रियान्वयन, निगरानी और सभी खंडों से प्राप्त जानकारी एकत्र करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
- खंड स्तर पर बीईओ होंगे नोडल अधिकारी
खंड स्तर पर बीईओ अपने खंड के लिए नोडल अधिकारी रहेंगे। ब्लॉक के कुल क्षेत्र का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करेंगे। एबीआरसी स्कूल प्रमुखों से अंतिम सर्वेक्षण डेटा सत्यापित करेंगे।
- यह रहेगा सर्वेक्षण शेड्यूल
एपीसी संदीप कुमार ने बताया कि 1 से 8 जनवरी तक स्कूल स्तर पर सर्वे होगा। इसके बाद क्लस्टर स्तर का सर्वे शुरू होगा और यह 9 से 12 जनवरी तक चलेगा। तीसरे चरण में खंड स्तर पर सर्वे किया जाएगा। इसमें तीनों खंडों के बीईओ अपने क्षेत्र में सर्वे को प्रमाणित करेंगे ताकि कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए। यह सर्वे 13 से 15 जनवरी तक जारी रहेगा। अंत में दो दिवसीय जिलास्तरीय सर्वेक्षण होगा और इसमें सर्वे को पूरी तरह प्रमाणित व बच्चों का डाटा सूचीबद्ध कर आगे भेजा जाएगा। यह सर्वे 16 से 17 तक किया जाएगा।
वर्सन
जिला में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ड्रॉप आउट बच्चों के लिए यह सर्वे किया जा रहा है। इसके तहत पढ़ाई से वंचित 7 साल से अधिक उम्र के बच्चों की पहचान की जाएगी और उन्हें पढ़ाई से जोड़ा जाएगा। ताकि, शिक्षा क्षेत्र में जिला पिछड़े नहीं और बच्चे भी शिक्षा पाकर जीवन सफल बना सकें।
-कृष्णा फोगाट, डीईओ, शिक्षा विभाग
फोटो 22
बधवाना गेट स्थित राजकीय स्कूल जहां पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों के लिए पहला स्पेशल टीचिंग सेंटर शुरू किया गया है। संवाद