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पेयजल संकट : जलघरों के टैंक में बचा पांच दिन का पानी

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चरखी दादरी। जिले में एक बार फिर से पेयजल संकट गहराने लगा है। जिले के सभी जलघर लगभग खाली हो चुके हैं। शहर में सप्लाई के लिए मात्र पांच दिनों को ही पानी बचा है और अभी नहरों में पानी आने के कोई जानकारी नहीं है। गर्मी के मौसम में पेयजल को लेकर अब हालात खराब होने लगे हैं। इस समय जनस्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल का पानी मिक्स कर शहर में पेयजल आपूर्ति कर रहा है।
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जिले में 29 मई से नहरों में पानी बंद है। जिसे समय नहरों में पानी चल रहा था उस समय भी जितना पानी जलघरों के टैंक में स्टोरेज किया जाता उतनी ही सप्लाई हो जाता था। अब पिछले करीब 17 दिनों से नहरों के बंद होने के बाद कम स्टोरेज क्षमता के चलते जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर के मेन चंपापुरी जलघर के चार वाटर टैंक और कपूरी जलघर में दो वाटर टैंक हैं। इनमें 15 प्रतिशत पानी बचा है, जिससे चार या पांच दिन सप्लाई की जा सकती है।
विभाग ट्यूबवेल का पानी मिलाकर शहर में सप्लाई कर रहा है। इन ट्यूबवेल का पानी गुणवता परक नहीं है। इस समय लोग पानी के टैंकर खरीदने को विवश हैं।
24 दिन बाद नहरी टर्न के चलते ज्यादा बिगड़े हालात
नहरी पानी की टर्न 15 की बजाय 24 दिन कर दिए जाने से हालात और ज्यादा खराब हुए हैं। नहरों में 15 दिन पानी छोड़ा गया था, लेकिन विभाग अधिकारियों के कुप्रबंधन के कारण शहर के स्टोरेज टैंक नहीं भरे जा सकेे। शहर में छह स्टोरेज टैंक हैं। वैसे ही शहर में पेयजल स्टोरेज की क्षमता कम है, जो टैंक है वे भी समय पर नहीं भरे जा रहे हैं। इस समय बोरिंग ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन इसका प्रेशर नहीं बन पा रहा है।
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दो और स्टोरेज टैंक बनाने के योजना पर काम रहा विभाग
शहर के लिए तीसरा एवं नया जलघर बनाए जाने की जरूरत है ताकि पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ सके और शहर के लोगों को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके। विभाग के पास इस समय मौजूदा दोनों जलघरों में छह स्टोरेज टैंक हैं। विभाग दो और स्टोरेज टैंक बनाने की योजना पर काम कर रहा है, लेकिन इसमें हेड ऑफिस ने रोड़ा अटका रखा है। हेड ऑफिस ने शहर की आबादी के हिसाब से पानी की आपूर्ति बढ़ाए जाने का तर्क दिया है।
शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है। तभी पूरे शहर में पानी की आपूर्ति हो सकती है। शहर में एक और जलघर बनाए जाने की सख्त जरूरत है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। इससे पानी की खपत ज्यादा बढ़ी है।
आनंद सिंह, पार्षद, वार्ड तीन
लंबे समय से शहर में पानी की क्षमता नहीं बढ़ाई जा रही है। इस समय क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है। पानी की खपत हर साल बढ़ रही है। विभाग और सरकार को तीसरा जलघर बनाना चाहिए, तब जाकर आपूर्ति हो सकती है। इस समय पानी का संकट बना हुआ है।
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रचना देवी, पार्षद, वार्ड 20
शहर में पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए एस्टीमेट का रिवाइज किया जा रहा है। टैंकों के साइज का निर्धारण कर जल्दी फिर से फाइल हेड ऑफिस भेजी जाएगी।
जगदीश चंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो-01 शहर के लोग टैंकर से पानी भरते हुए
फोटो 02 जलघर का वाटर टैंक
फोटो आनंद सिंह
फोटो रचना देवी
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