फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नर्सरियों में 4.20 लाख पौध तैयार, वन विभाग को मानसून की पहली बारिश का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। वन विभाग की ओर से जिले में लगाने के लिए नर्सरी में पौध तैयार की गई है। अब इसके रोपण के लिए विभाग को मानसून की बारिश के इंतजार में है। विभाग ने 27 जून तक मानसून पहुंचने का अनुमान जता रखा है और इसके मद्देनजर करीब 70 हजार टाल ट्री की पौध तैयार की है। वन विभाग ने इस बार जिले के लिए करीब 4.20 लाख की पौध तैयार की है। यह पौधे गांव शामलात जमीन, जोहड़, सड़क व नहरों के किनारे, स्कूल, कॉलेज प्रांगण, सरकारी कार्यालयों के परिसरों में लगाए जाने हैं। इसके अलावा आम लोगों को भी जरूरत के अनुसार पौधे वितरित किए जाएंगे।
विज्ञापन

पर्यावरण प्रदूषण विकट समस्या बनी रहती है। पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने और नए रेलमार्ग बनने की वजह से हर साल राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में हरे पेड़ों की कटाई मजबूरीवश करनी पड़ती है। इनके बदले नए पौधे लगाना और उनका कम से कम तीन साल रख रखाव करना बड़ा मुश्किल होता है। जितने पौधे रोपित होते हैं उनमें से मुश्किल से 40 प्रतिशत ही पेड़ बन पाते हैं। जिले से ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण भी चल रहा है, ऐसे में इस सिक्स लेन मार्ग पर हजारों हरे पेड़ कटने हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़ों की सर्वोपरि भूमिका है। पेड़ से ही जीवों को ऑक्सीजन मिलती है। वन विभाग के अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में जल्द ही पौधरोपण शुरू कर दिया जाएगा।
चार नर्सरियों में तैयार की है पौध
वन विभाग ने जिले में चार स्थानों पर पौध नर्सरी लगा रखी हैं। गांव बरसाना में लोहारू नहर के समीप और गांव रामनगर-कपूरी में बधवाना नहर के समीप पौध नर्सरी लगा रखी हैं। इसी प्रकार जिले के बाढड़ा उपमंडल और नीमड़ी में भी पौध नर्सरी लगा रखी है। इनमें विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की गई है। इसी प्रकार बरसाना और रामनगर-कपूरी स्थित पौध नर्सरियों में करीब दो लाख आम प्रजातियों की पौध के अलावा 25 हजार टाल ट्री की पौध तैयार की गई है। इस प्रकार जिले में कुल चार लाख 22 हजार की पौध तैयार की गई है।
विज्ञापन

इन प्रजातियों की पौध की है तैयार
जिले की तीनो नर्सरियों में गूगल बेल, बकान, शहतूत, पीपल,नीम,गुलमोहर, हारसिंगार, पालम खीरा, चक्रासिया, पापड़ी,जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की गई है। फरवरी में ही नर्सरियों में बीज रोपण कर दिया गया था। इस समय पौध तैयार हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें