चरखी दादरी। पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता मुहिम चलाने के बाद भी लोग साइबर ठगों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। साइबर ठगी के ज्यादातर मामले अनट्रेस रहते हैं। साइबर थाना गठन के बाद से अब तक 22 केस दर्ज हुए हैं। जिनमें से पुलिस अब तक 6 को ही ट्रेस कर पाई है।
खास बात ये है कि जो 6 मामले ट्रेस हुए हैं वे कुछ समय पहले के हैं। उन मामलों में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर 21.43 लाख की रकम बरामद की हैं। साइबर ठगी के जो मामले ट्रेस हुए हैं, उनमें सामने आया कि दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अपराधियों ने इन वारदात को अंजाम दिया।
- जिला साइबर क्राइम थाना से जुड़े ये हैं आंकड़े
2022 में केस दर्ज-7
2022 में गिरफ्तारी हुई-3
2022 में रिकवरी हुई- 20.15 लाख
2023 में केस दर्ज- 15
2023 में गिरफ्तारी-9
2023 में बरामदगी- 1.18 लाख
कुल केस रजिस्टर्ड-22
ट्रेस हुए-6
ट्रेस रेट- 27.27 प्रतिशत
कुल गिरफ्तारी-12
कुल बरामदगी- 21.43
साइबर ठगी होने पर यें करें
यदि आप किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं, तो इसकी ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर कर सकते हैं। इसके अलावा गृह मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी ऑनलाइन ठगी की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा निकटवर्ती थाने में भी शिकायत दी जा सकती है।
- ये 6 वारदात पुलिस ने सुलझाईं, काबू किए 12 आरोपियों में से 11 दूसरे प्रदेशों के
केस-1: काकड़ौली हट्ठी निवासी मनजीत कुमार ने क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर 1,01,946 रुपये की ठगी होने की शिकायत दी थी। 7 जुलाई 2023 को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 21 जुलाई को ही पानीपत के जलालपुर निवासी ललित उर्फ विक्की को काबू किया। इसके बाद दिल्ली के विष्णु गार्डन निवासी सागर गुप्ता और उत्तम नगर निवासी नीतिश वर्मा को 23 जुलाई को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार कर राशि बरामद कर ली।
केस-2: गांव चरखी निवासी राजेश ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर 63,280 रुपये की ठगी करने की शिकायत साइबर थाने में दी थी। पुलिस ने 7 अप्रैल 2023 को केस दर्ज कर जांच शुरू की। दो जून 2023 को पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के चखातल निवासी मोहित शर्मा और गोपाल को गिरफ्तार कर लिया। उनसे साढ़े 26 हजार रुपये बरामद हुए। इसके बाद 28 जून को बैंबीपुर निवासी दुर्गेश और अंकित शर्मा को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर 31 हजार रुपये बरामद किए गए।
केस-3: मूलरूप से झज्जर के खानपुर खुर्द निवासी और फिलहाल दादरी की विद्या विहार कॉलोनी निवासी महिला नीतू के क्रेडिट कार्ड से 81038 रुपये का फ्रॉड हुआ था। पुलिस ने 7 अप्रैल 2023 को केस दर्ज किया था। इस संबंध में पुलिस ने 17 जून को उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के गांव धाय पोखर निवासी आरोपी रोहन कुमार को गिरफ्तार किया था। हालांकि गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस उससे महज तीन हजार रुपये ही बरामद कर पाई थी।
केस : 4- हंसावास खुर्द निवासी सुदेश देवी की शिकायत पर पुलिस ने 23 मार्च 2023 को ठगी का केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि लोन दिलाने का झांसा देकर उससे 34,100 रुपये हड़पे गए थे। साइबर थाना पुलिस ने इस संबंध में बिहार के दरभंगा जिले के गांव दोधड़ा निवासी राघव को 29 मार्च को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। आरोपी से पुलिस ने सारी राशि बरामद कर ली थी।
केस : 5- वार्ड-8 निवासी नितिन ने खाते से 20 लाख का फ्रॉड होने की शिकायत पुलिस को दी थी। इसके आधार पर 14 दिसंबर 2022 को साइबर ठगी का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि फ्रॉड राशि बीसीपीएल कंपनी के खाते में डाली गई। पुलिस ने तत्काल इस राशि को होल्ड करवाकर शिकायतकर्ता के खाते में वापस डलवा दिए। समय रहते शिकायत देने के कारण ऐसा संभव हो पाया।
केस:6- आदमपुर डाढी निवासी आमिर खान की शिकायत पर 22 नवंबर 2022 को साइबर थाने में केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि साइबर अपराधी ने उसे झांसे में लेकर 86,650 रुपये खाते में डलवा लिए। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव रैयरपुरा निवासी सचिन कुमार, मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के गांव अम्बापुरसा निवासी सूरज तोमर और आगरा निवासी ताज खान को गिरफ्तार कर उनसे 25200 रुपये की बरामदगी की थी।
साइबर वारदात को भी पुलिस प्राथमिकता से लेकर सुलझाने का प्रयास कर रही है। कुछ मामलों में पुलिस को सफलता भी हाथ लगी है और इनमें दूसरे प्रदेशों से आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। कुछ मामलों की जांच अभी चल रही है और जल्द उन्हें भी ट्रेस कर लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि वे भी सजगता और सतर्कता बरतें।
-नितिका गहलोत, एसपी, चरखी दादरी