चरखी दादरी। जिला शिक्षा विभाग कार्यालय दादरी में शनिवार को जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई, डीपीआईयू की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुशील भारती ने की।
बैठक में डीपीसी अल्का सहित तीनों खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने तथा विभिन्न शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी कार्यक्रम की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस संदर्भ में डॉ. संदीप कुमार जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर ने जिले में संचालित गतिविधियों, उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
बीईओ ने प्रस्तुत की रिपोर्ट
बैठक में उपस्थित सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने खंड की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षण गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने, लर्निंग आउटकम में सुधार और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
निरंतर हो मॉनिटरिंग
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुशील भारती ने उपस्थित मेंटर्स को निर्देशित किया कि विद्यालयों में निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षकों को नवाचार आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफएलएन के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सर्वांगीण विकास पर जोर
इस अवसर पर डीपीसी अल्का ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित न रहकर बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक, रुचिकर एवं प्रेरणादायक शिक्षण वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए।
मेगा पीटीएम की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में आगामी 1 अप्रैल को आयोजित होने वाले मेगा पीटीएम एवं प्रवेश उत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाई जाए। साथ ही दाखिला अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग करने और लक्ष्य पूर्ति के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।