बाढड़ा। जनसहभागिता से ही विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद धर्मबीर सिंह ने रविवार को बीडीपीओ कार्यालय में खंड के सरपंचों और आमजन को संबोधित करते हुए कही। जन संवाद कार्यक्रम के दौरान सांसद ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल देश के आत्मविश्वास की वापसी और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का ऐतिहासिक समय रहा है। इस दौरान देश ने शासन, दृष्टिकोण, नेतृत्व और राष्ट्रीय संकल्प में एक निर्णायक बदलाव देखा है। उन्होंने मोदी को राष्ट्र के प्रति समर्पित दूरदर्शी सोच का नेता बताया।
सांसद ने कहा कि गत 12 वर्षों में पूरी शक्ति के साथ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिसके परिणामस्वरूप आज देश व प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज योजनाबद्ध तरीके से काम हो रहे हैं। बिजली-पानी, विकास कार्य आदि मूलभूत सुविधाओं हों या रोजगार व तबादले प्रत्येक कार्य के लिए पॉलिसी के तहत काम हो रहे हैं।
प्रत्येक कार्य पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का आमजन को सीधा लाभ मिल रहा है। वर्ष 2047 तक देश व प्रदेश विकसित हो इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है।
सांसद ने प्राकृतिक खेती अपनाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हम सब को प्राकृतिक खेती अपनानी होगी।
बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास ने कहा कि पिछले 12 सालों में पूरे देश में सकारात्मक बदलाव आए हैं। यह केवल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासात्मक सोच के कारण संभव हो पाया है।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष मनदीप डालावास, भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील इंजीनियर, चेयरमैन सुधीर चांदवास और सीईओ जिला परिषद प्रदीप अहलावत आदि भी मौजूद रहे।
नशे पर रोक और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश :
सांसद ने युवाओं में नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि समय रहते सतर्क नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियां बर्बाद हो जाएंगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इसके बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए आगे आने का आह्वान किया और कहा कि अभियान चलाकर काम करें। सांसद ने त्रिवेणी लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए मानसून सीजन में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करें।