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Charkhi Dadri News: श्रीमद्भागवत कथा में गोपी रासलीला और सुदामा चरित्र का किया वर्णन

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गीता भवन सभागार में आयोजित कथा में मौजूद महिलाएं।
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चरखी दादरी। गीता भवन सभागार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को कथा वाचक आचार्य श्रीकृष्ण रेणू ने गोपी रासलीला और सुदामा चरित्र का वर्णन किया। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनके प्रेम, और उनके जीवन के प्रमुख प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
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कथा के दौरान आचार्य श्रीकृष्ण रेणू ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अपने साथियों के साथ मिलकर माखन चुराने की लीलाओं के माध्यम से अपने भक्तों का मन मोह लेते थे। उन्होंने कहा कि असली गोपी वे हैं, जिन्होंने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों को आनंदित करने के लिए अनेक लीलाएं की।

आचार्य रेणू ने बताया कि स्वामी सुखदेव ने राजा परीक्षित को यह समझाया कि ग्वाल-बाल और गोपियां पिछले जन्मों की कठोर तपस्या के कारण इस जन्म में भगवान श्रीकृष्ण के साथ आनंदमय जीवन जी रहे हैं। एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ग्वाल-बालों के साथ भोजन कर रहे थे, तब ब्रह्माजी ने उनकी परीक्षा लेनी चाही। ब्रह्माजी ने ग्वाल-बालों और बछड़ों को चुरा लिया, भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी योग माया से उनके समान ग्वाल-बाल और बछड़े बना दिए। इस अद्भुत लीला को देखकर ब्रह्माजी लज्जित हो गए और भगवान के दिव्य स्वरूप को नमन किया। अंत में सुदामा चरित्र पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई। कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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