चरखी दादरी। जिले में 12 दिन से डीएपी खाद की किल्लत लगातार बनी हुई है। मंगलवार को डीएपी व यूरिया की आवक नहीं हो सकी। वहीं, वीरवार को गेहूं का बीज पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
दरअसल, इस समय गेहूं की बिजाई का कार्य जोरों पर है। अगेती बिजाई का कार्य अंतिम चरण में है। उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती बिजाई की जा सकेगी। बिजाई के बाद जब किसान फसलों की पहली सिंचाई करते है तब यूरिया का छिड़काव करते हैं।
सरसों की अगेती फसलों की रेतीले भागों में पहली सिंचाई हो चुकी है। अब इन फसलों में किसान यूरिया खाद का छिड़काव कर रहे हैं। यूरिया की आगामी दो माह में करीब 10 हजार एमटी की जरूरत है तब जाकर पूर्ति हो सकेगी। इस समय यूरिया तरल रूप में भी मिल रहा है। किसान इसकी स्प्रे कर सकते हैं।
इस समय डीएपी की जरूरत बनी हुई है। अब तक 3920 एमटी डीएपी का वितरण किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि गेहूं का बीज एक-दो दिन में पहुंचने की उम्मीद है। गेहूं के बीज की जरूरत अभी दिसंबर तक बनी रहेगी। इस समय डीएपी खाद के साथ गेहूं का बीज भी नहीं मिल रहा है। किसान कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं।
डीएपी खाद की मांग भेज रखी है। खाद एक-दो में पहुंचने की उम्मीद है। खाद की ज्यादातर पूर्ति हो भी गई है।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग