गांव कादमा में मिनी बस स्टैंड निर्माण के लिए चयनित जगह का निरीक्षण करते उपायुक्त धर्मबीर सिंह व अ
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उपायुक्त धर्मबीर सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को प्रशासनिक टीम ने गांव कादमा पहुंच कर प्रस्तावित बस स्टैंड निर्माण के लिए चयनित जगह का निरीक्षण किया। इसके अलावा उपायुक्त ने प्रशासनिक टीम को मुख्य चौक से बस स्टैंड निर्माण साइट तक रास्ते की चौड़ाई बढ़ाने के लिए बगल की जमीन के मालिकों से बात करने के निर्देश दिए। यह रास्ता फिलहाल संकीर्ण है और यहां से बसों के आवागमन संभव नहीं हो पाएगा।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में क्षेत्र के सबसे बड़े गांव कादमा में मिनी बस स्टैंड निर्माण करने की योजना स्वीकृत की थी। पहले चयनित की गई भूमि में गहरे गड्ढे होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया। फिर सतनाली रोड स्थित डेढ़ एकड़ के लगभग शामलाती रकबे की भूमि का मिनी बस स्टैंड निर्माण के लिए चयन किया गया है। इस भूमि का रोडवेज राज्य मुख्यालय टीम के अलावा महाप्रबंधक, एसडीएम व राजस्व विभाग के अधिकारी पहले ही जायजा ले चुके हैं। रास्ता संकीर्ण होने के चलते सड़क से करीब 400 मीटर अंदर चलकर बसों के आवागमन को लेकर परेशानी पैदा हो रही है। इस रास्ते पर मात्र पांच मीटर भूमि होने से दो बसों का एक साथ गुजरना मुश्किल है। जिस पर शुक्रवार को जिला उपायुक्त धर्मबीर सिंह ने स्वयं प्रस्तावित जगह पर पहुंचकर राजस्व विभाग की टीम के साथ रास्ता चौड़ा करने के विकल्प को लेकर मंथन किया। इस दौरान तहसीलदार मुकेश कुमार, जीएम धनराज कुंडु, बीडीपीओ नरेंद्र ढुल, सरपंच प्रतिनिधि करण सिंह व श्रवण भी मौजूद रहे। उपायुक्त धर्मबीर सिंह ने कहा कि इस योजना को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाया जाए। शामलाती रास्ते के रकबे के साथ लगती भूमि के मालिकों से संपर्क करने के साथ ही जल्दी ही सारी आवश्यक कार्रवाई निपटाई जाए।
एक दर्जन गांवों को होगा फायदा
मिनी बस स्टैंड बनने से कादमा ही नहीं समीपवर्ती करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। यहां बसों का आवागमन अब कम ही है। बस स्टैंड निर्माण के बाद बसों की संख्या और फेरे भी रोडवेज विभाग बढ़ाएगा।