शहर की प्रेमनगर कॉलोनी में रहने वाले पुलिसकर्मी की पत्नी का शव बुधवार को घर में ही फंदे से लटकता मिला। सिटी थाना पुलिस ने वीरवार सुबह मृतका के पिता के बयान पर उसके पति सहित ससुराल पक्ष के चार लोगों पर 304-बी और 34 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला का पति हरियाणा पुलिस में सिपाही है और उसकी पोस्टिंग झज्जर जिले में है। मृतका के मायका पक्ष के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में कराने की मांग की है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर निरंजन सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच करेगी। तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जानकारी के अनुसार मकड़ाना निवासी पिंकी (30) की शादी मूल रूप से झज्जर जिले के गांव सुबाना निवासी प्रदीप के साथ फरवरी 2013 में हुई थी। प्रदीप हरियाणा पुलिस में सिपाही है और पिछले करीब 15 साल से अपने माता-पिता व बच्चों के साथ शहर की प्रेमनगर कॉलोनी में रह रहा है। इंस्पेक्टर निरंजन सिंह ने बताया कि बुधवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रेमनगर निवासी पिंकी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। इसके तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। उन्होंने बताया कि बुधवार देर शाम तक मृतका के परिजनों के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। वीरवार सुबह मृतका के पिता सुखबीर के पुलिस ने बयान दर्ज किए और उसके पति, सास- ससुर और चाचा ससुर के खिलाफ 304-बी और 34 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पुलिस बयान में सुखबीर ने बताया कि उसकी बेटी की शादी फरवरी 2013 में हुई थी। उन्होंने बिन दहेज के शादी की थी। उन्होंने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग उसकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। इस प्रताड़ना के चलते दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गए। मायके पक्ष के लोगों ने सुसराल पक्ष के लोगों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन इसके बाद भी वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। सुखबीर ने बताया कि बुधवार को उन्हें सूचना मिली कि पिंकी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। इसके बाद वे दादरी पहुंचे। पुलिस ने सुखबीर सिंह के बयान पर महिला के पति प्रदीप सहित उसके माता-पिता और चाचा पर दहेज हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाने में पहुंचे दोनों पक्षों के लोग
वीरवार सुबह दोनों पक्ष के लोग पहले सिविल अस्पताल और फिर सिटी थाने में पहुंचे। यहां काफी देर तक दोनों पक्षों में बातचीत हुई, लेकिन राजीनामा नहीं हो पाया। मृतका के पिता ने अपने बयान दर्ज करवाए और इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस के सामने पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई कराने की मांग की और इसके बाद पुलिस और परिजन शव लेकर पीजीआई के लिए रवाना हो गए।
मृतका के हैं दो बच्चे
मृतका की शादी करीब साढ़े छह साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। मृतका के पिता ने बताया कि पिंकी के एक बेटा और एक बेटी है। सुखबीर ने बताया कि उसकी बेटी पढ़ी- लिखी थी और वह आत्महत्या करने जैसा कदम नहीं उठा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है।
पुलिस ने सुखबीर के बयान पर उसकी बेटी के पति, सास-ससुर और चाचा ससुर के खिलाफ 304-बी और 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के लिए शव पीजीआई भेज दिया गया है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के अनुरूप अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-निरंजन सिंह, इंस्पेक्टर एवं सिटी थाना प्रभारी।