चरखी दादरी। जांच परीक्षा के माध्यम से कर्मचारियों काे पदोन्नति करने के फैसले पर सर्व कर्मचारी संघ ने लघु सचिवालय में सभाकर रोष-प्रदर्शन किया। इसके बाद सीटीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सभा की अध्यक्षता जिला प्रधान कृष्ण कुमार ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेतुकी नीतियां बनाने व तुगलकी फरमान जारी करने पर उतर आई है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से पदोन्नति के लिए मुख्य सचिव द्वारा जारी ड्राफ्ट वापस लेने की मांग उठाई।
ज्ञापन में बताया कि वरिष्ठता के आधार पर कर्मियों की पदोन्नति करने, विभिन्न विभागों में काॅमन कैडर के तहत भर्तियां करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए, कच्चे कर्मियों को पक्का करे, लिपिकों व परिचालक वर्गीय कर्मियों को 35400 वेतनमान देने, निजीकरण पर रोक लगाने आदि मांगे पूरा करने की मांग की। उन्होंने अगर सरकार इस बार इस मुद्दे को हल नहीं करेगी तो वे कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
इससे पहले फैसले को लेकर सर्व कर्मचारी संघ ने वीरवार को बैठक आयोजित की। इस दौरान सरकार की इस नीति पर विरोध जताया। सभा संचालन जिला सचिव रामपाल ने किया जबकि राज्य कोषाध्यक्ष सुखदर्शन सरोहा विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
प्रदर्शन में ये हुए शामिल
इस दौरान मैकेनिकल वर्कर जिला प्रधान व एसकेएस जिला ऑडिटर सतबीर सरोहा, जिला वरिष्ठ उपप्रधान यशपाल सांगवान, पूर्व जिला प्रधान राजकुमार, अध्यापक संघ जिला प्रधान संजय शास्त्री, जिला सचिव कृष्ण शास्त्री, हेमसा राज्य उपमहासचिव विजय लांबा, जिला प्रधान विरेंद्र सांगवान, दलबीर डोहकी, देवेंद्र, दिलबाग बजाड, राजेश समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।