रूदड़ोल निवासी एवं दिल्ली पुलिस के सिपाही ने शनिवार देर शाम घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगा लिया। उसके दोनों हाथों की नसें भी कटी मिली हैं। बाढड़ा थाना पुलिस ने रविवार सुबह सिविल अस्पताल में मृतक का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने इस संबंध में मृतक के चाचा के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। आत्महत्या के कारणों पर परिजनों ने अनभिज्ञता जाहिर की है। एफएसएल टीम ने भी सिविल अस्पताल पहुंचकर शव की जांच की।
बाढड़ा थाने से जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल मुकेश ने बताया कि रूदड़ोल निवासी साकेत उर्फ मिंटू (26) दिल्ली पुलिस में सिपाही था। शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे परिजनों को घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में साकेत का शव फंदे से लटकता मिला। परिजनों के अनुसार शाम करीब चार बजे वह ड्यूटी पूरी कर घर लौटा था। घर आने के बाद वह ऊपर कमरे में चला गया। करीब साढ़े छह बजे उसकी मां खाना खाने के लिए कहने उसके पास गई तो वह किसी से फोन पर बात कर रहा था। परिजनों ने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे तक जब वह नीचे आया तो परिजन उसे बुलाने कमरे में पहुंचे।
तब कमरे की कुंडी अंदर से बंद मिली और जब जंगले से झांककर देखा तो साकेत का शव फंदे पर लटका मिला। इसके बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही बाढड़ा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। रविवार सुबह मृतक के चाचा राजकुमार के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में करवाया गया।
पत्नी और बच्चों को छोड़ आया था मायके
दो दिन पहले साकेत अपनी पत्नी और बच्चों को अपनी ससुराल बिलावल छोड़ आया था। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी और बच्चों को छोड़ने के बाद वह अपनी ससुराल से सीधा ड्यूटी पर चला गया था।
मृतक के चाचा के बयान पर पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है। मृतक के दोनों हाथों की नसें कटी मिली हैं। एफएसएल टीम भी अस्पताल पहुंची थी।
- मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल एवं जांच अधिकारी