पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी।
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चरखी दादरी। सोनीपत और जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को भ्रूण लिंग जांच के नाम पर गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो महिलाओं सहित चार लोगों को पकड़ा है। आरोपियों में निजी अस्पताल में कार्यरत महिला बीएएमएस चिकित्सक, एक एक्स-रे टेक्नीशियन, निजी अस्पताल की महिला कर्मचारी और एक युवक शामिल हैं। चारों को सिटी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
जिला पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. हितेष ने बताया कि सोनीपत स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि चरखी दादरी क्षेत्र में एक गिरोह भ्रूण लिंग जांच के नाम पर गर्भवती महिलाओं से लाखों रुपये की वसूली कर रहा है। इस पर दोनों जिलों के स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त टीम बनाकर एक गर्भवती महिला को डिकोय (मुखबिर) के रूप में आरोपियों तक पहुंचने की योजना बनाई। डिकोय महिला ने 8 अगस्त को बीएएमएस चिकित्सक डॉ. विभूति वत्स से संपर्क किया। इस दौरान भ्रूण लिंग जांच के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें से 40 हजार रुपये अग्रिम जमा कराने की शर्त रखी। डिकोय महिला ने एक युवक के बैंक खाते में 40 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। शेष 60 हजार रुपये भ्रूण लिंग जांच के समय नकद देने के लिए सोमवार को उस महिला को चरखी दादरी बुलाया।
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रुपये लेने के लिए परिचित को भेजा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिकोय महिला की हर गतिविधि पर नजर रखी। चरखी दादरी पहुंचने पर डॉ. विभूति ने डिकोय महिला को एक अन्य निजी अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारी प्रियादीप के पास भेजा। उसने डिकोय महिला के आधार कार्ड की प्रति ली और अल्ट्रासाउंड किया। इसके बाद डॉ. विभूति का परिचित अटल कुमार 60 हजार रुपये लेने पहुंच गया। डिकोय महिला ने अटल को जैसे ही रुपये दिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया। उसने कबूल किया कि उसे डॉ. विभूति ने भेजा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिटी थाना पुलिस की मदद से एक्स-रे टेक्नीशियन रविंद्र समेत चारों को दबोच लिया।
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स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को सूचित करें
डॉ. हितेष ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से अपील की यदि कहीं भी अवैध तौर पर भ्रूण लिंग जांच की जानकारी मिले तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को सूचित करें।
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डिकोय महिला का केवल सामान्य अल्ट्रासाउंड किया गया था और उसे भ्रूण के लिंग की जानकारी नहीं दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को शिकायत देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन गैरपंजीकृत पाई गई तो सील कर दिया जाएगा। चारों आरोपियों से पूछताछ कर भ्रूण लिंग जांच के नेटवर्क तक जाएंगे।
- डॉ. हितेष, पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी, चरखी दादरी।