चरखी दादरी। अब मरीजों को जिलास्तर पर ही एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर उपायुक्त के पास भेजा है। विभाग की योजना के अनुसार ये दोनों सुविधाएं मातृ-शिशु अस्पताल परिसर में शुरू की जाएगी। काफी लबे अरसे से लोगों को इन सुविधाओं को इंतजार था। ये सुविधा शुरू होने पर लोगों को निजी केंद्र से आधे रेट पर ही एमआरआई और सीटी स्कैन करवा सकेंगे।
फिलहाल एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं भी जिले में नहीं हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मरीजों को भिवानी भेजा जा रहा है। छह कैटेगरी को इन सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर इन सुविधाओं का लाभ निशुल्क मिलता है, जबकि अन्य लोगों के लिए रेट निर्धारित हैं। ये रेट निजी केंद्रों के रेट के मुकाबले आधे ही हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर आधे रेट में एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने के लिए जिले के मरीजों को भिवानी आने-जाने में 60 किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है। फिलहाल प्रतिमाह 200 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
मरीजों को भिवानी आने-जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए इस मुद्दे को अमर उजाला ने 31 अगस्त के संस्करण में उठाया था। अमर उजाला ने ‘32 माह से रेफर के सहारे सिविल अस्पताल’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जिला स्तर पर ही ये दोनों सुविधाएं शुरू करवाने की योजना तैयार की गई। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा मातृ-शिशु अस्पताल में शुरू करने की योजना है और इस जगह का प्रस्ताव मंजूरी के लिए उपायुक्त के पास भेजा जा चुका है। उनकी मंजूरी मिलते ही प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया जाएगा। इसके अलावा सीएमओ ऑफिस भी मातृ-शिशु अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जबकि कोरोना जांच लैब निर्माण का कार्य भी अभी जारी है।
हम जल्द ही जिला स्तर पर शुरू करने जा रहे हैं। मातृ-शिशु अस्पताल में ये सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए जिला उपायुक्त के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि अगले एक से डेढ़ माह के अंदर ये सेवाएं शुरू कर दें।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ।