नरेश ने रानीला गांव में वेश्यावृत्ति के संदेह में साथी के साथ मिलकर 17 अप्रैल 2011 को डबल मर्डर किया था, हाईकोर्ट ने फांसी की सजा उम्रकैद में बदली थी। रोहतक जेल से 16 जुलाई 2024 को आरोपी 70 दिन की पैरोल पर था। नहीं लौटने पर जेल प्रशासन ने केस दर्ज कराया था।
चरखी दादरी में डबल मर्डर के पैरोल जंपर को दादरी सीआईए ने महम क्षेत्र के मदनहेड़ी नहर पुल से गिरफ्तार किया है। रानीला निवासी नरेश उम्रकैद की सजा काट रहा है और 70 दिन की पैरोल लेकर घर आया था। पैरोल अवधि समाप्त होने पर भी वो जेल नहीं लौटा।
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वहीं, रोहतक जेल सहायक अधीक्षक सत्यवान की शिकायत पर बौंदकलां थाना पुलिस ने अक्तूबर 2024 में उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। उसकी गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर हुई है। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद भी वो ट्रकों पर सहायक के तौर पर काम कर रहा था।
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बता दें कि अचीना ताल पुलिस चौकी में रानीला के पंच कैलाशचंद ने 18 अप्रैल 2011 को दोहरा हत्याकांड की शिकायत दी थी। पंच की शिकायत पर पुलिस ने रानीला निवासी नरेश और सुभाष के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। भिवानी एएसजे सरिता गुप्ता की कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने सजा उम्रकैद में बदल दी। नरेश रोहतक जेल में सजा काट रहा था।
16 जुलाई को आया था पैरोल पर, 25 सितंबर को लौटना था
पुलिस सूत्रों के अनुसार रोहतक कारागार सहायक अधीक्षक की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया कि नरेश 16 जुलाई 2024 को पैराल पर आया था और 25 सितंबर 2024 को उसे जेल लौटना था। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद भी वो जेल नहीं पहुंचा।
एक महिला का शव चौक में तो दूसरी का मिला था घर
शिकायतकर्ता तत्कालीन पंच ने बताया था कि गांव के डाकखाना चौक पर सुमन का शव पड़ा मिला था जबकि शकुंतला का शव उसके घर से बरमद हुआ था। डंडों से वार कर दोनों की हत्या की गई थी और शकुंतला का शव घसीटकर मकान तक ले जाया गया था।