संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। उपमंडल मुख्यालय पर सात साल बाद भी कोई कोर्ट शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते अधिवक्ता और मुवक्किल दोनों परेशान हैं। उदासीनता का आलम यह है कि अब तक कोर्ट चयन की प्रक्रिया तक पूरी नहीं हुई है। दूसरी ओर केस की पैरवी के लिए बाढड़ा से करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय कर अधिवक्ताओं को जिला मुख्यालय कोर्ट आना पड़ता है।
बाढड़ा एसडीएम कार्यालय फिलहाल कैनाल रेस्ट हाउस में और तहसील कार्यालय सैनिक विश्राम गृह में चल रहा है। बाढड़ा के अधिवक्ताओं की मांग है कि जल्द ही उपमंडल स्तर पर कोर्ट सुविधा शुरू की जाए। इससे उन्हें जिला कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और दादरी की भाग-दौड़ भी खत्म होगी।
बाढड़ा अधिवक्ता संघ अध्यक्ष संजीव श्योराण, अनिल मान, अशोक श्योराण, राकेश चहल, सुनील लाडावास, राजेश श्योराण हड़ौदी, महेश शर्मा, अनिल, राजेश कुमार, अनूप व अमित आदि ने बताया कि कोर्ट नहीं होने के कारण अधिवक्ताओं व लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल, किसान भवन के समीप ही अधिवक्ता टिन शेड के नीचे बैठ रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं की कमी से महिला अधिवक्ताव मुवक्किल परेशान हैं।