चरखी दादरी। भ्रष्टाचार और विकास कार्याें में भेदभाव का आरोप लगाकर नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे पार्षदों का आक्रोश बुधवार को बढ़ गया। उन्होंने चेयरमैन बक्शीराम सैनी के कार्यालय को ताला जड़ दिया जबकि सभी कमरों में बैठे कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इस संबंध में चेयरमैन की ओर से पुलिस को भी शिकायत दी गई जिसमें 11 पार्षदों समेत महिला पार्षदों के पति के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है। दूसरी ओर डीएमसी अनुपमा आंतिल ने नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर पार्षदों के साथ बैठक की और इसके बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया।
बता दें कि 12 पार्षद नगर परिषद कार्यालय में धरना दे रहे थे जो बुधवार को भिवानी एडीसी एवं डीएमसी के आश्वासन के बाद खत्म हो गया। इससे पहले करीब 12 बजे आंदोलनरत पार्षदों ने चेयरमैन बक्शीराम सैनी और ईओ कक्ष को ताला जड़ दिया जबकि नगर परिषद कार्यालय के दस कमरों में मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इसके चलते नगर परिषद कार्यालय का कामकाज दिनभर प्रभावित रहा।
पार्षदों के विरोध को देखते हुए ईओ अभे सिंह यादव ने उनसे बातचीत की और धरना खत्म करने के साथ चेयरमैन कक्ष पर जड़ा ताला खोलने की मांग की। पार्षदों ने उन्हें दो टूक जवाब देते हुए कहा कि डीएमसी को यहां बुलाया जाए और उनके आश्वासन के बाद ही वो धरना खत्म करेंगे। इसके बाद करीब ढाई बजे डीएमसी अनुपमा आंतिल दादरी नगर परिषद कार्यालय पहुंची। पहले उन्होंने अधिकारियों से मामले का अपडेट लिया और इसके बाद आंदोलनरत पार्षदों को बातचीत के लिए बुलाया। करीब एक घंटे तक डीएमसी नगर परिषद कार्यालय में रुकी और जाने से पहले पार्षदों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। उनके सकारात्मक आश्वासन देने के बाद पार्षदों ने धरना खत्म करने की घोषणा कर दी।
- दूसरे कक्ष में बैठकर ताला खुलने का चेयरमैन करते रहे इंतजार
डीएमसी आने से पहले चेयरमैन बक्शीराम सैनी और उनके पक्ष के अन्य पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। वहां ताला जड़ा मिलने पर ईओ लेखाकार के कार्यालय में करीब दो घंटे तक बैठे रहे। शाम 4:25 पर आंदोलनरत पार्षदों ने चेयरमैन कार्यालय का ताला खोला। इससे पहले तालाबंदी के दौरान चेयरमैन कक्ष में मौजूद कर्मचारियों को भी उन्होंने बाहर निकाल दिया।
- डीएमसी के समक्ष रखीं ये मांगें
- सभी वार्डाें में भेदभाव बरतने के बजाय एक समान विकास कार्य करवाए जाए।
- 25 लाख रुपये के जो मरम्मत कार्य करवाए गए हैं उनकी जांच करवाई जाए।
- कई प्रॉपर्टी आईडी फर्जी बनवाई गई हैं, उनकी जांच करवाई जाए।
- नगर परिषद में लगे पुराने कर्मचारियों को न हटाया जाए।
- नगर परिषद में जो ऑटो टिपर के ड्राइवर हैं, उन्हें न हटाया जाए।
कमेटी करेगी आरोपों की जांच
भिवानी एडीसी एवं डीएमसी अनुपमा आंतिल ने ईओ कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो भी पार्षदों के आरोप हैं उनकी जांच करवाई जाएगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा और जल्द ही यह कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट सौंप देगी
चेयरमैन ने ये दी पुलिस शिकायत
चेयरमैन ने पुलिस शिकायत में लिखा कि 26 जुलाई को नगर परिषद कार्यालय में धरना दे रहे पार्षदों ने दोपहर 12 बजे सरकारी कार्यालय को ताला जड़ दिया जबकि कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इससे सरकारी कामकाज प्रभावित रहा। चेयरमैन ने कहा कि धरना देने वाले पार्षद प्रधान और उप-प्रधान को मानसिक रूप से परेशान कर पद से हटाना चाहते हैं। इतना ही नहीं वो अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पार्षदों के साथ बैठक हुई है और उन्हें आश्वस्त कर दिया गया। उनके आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। धरना देने वाले पार्षदाें को कहा गया है कि अगर उन्हें कोई परेशानी है तो पहले उनके कार्यालय में आकर मिले।
-अनुपमा आंतिल, डीएमसी एवं एडीसी, भिवानी
महिला पार्षदों ने चेयरमैन पर लगाया दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा प्रयोग करने का आरोप
धरना देने वालीं चार महिला पार्षद भी शाम को थाने पहुंच गईं। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर चेयरमैन पर कार्रवाई करने की मांग की। शिकायत में महिला पार्षद मुनेश दहिया, बबीता, मंजू पहल और रचना देवी ने बताया कि डीएमसी के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया। इसके बाद जब चेयरमैन उनके पास से गुजरने लगे तो दुर्व्यवहार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पार्षदों का कथित आरोप है कि चेयरमैन ने खुद को सत्ता पक्ष का बताते हुए उन्हें धमकी भी दी। पार्षदों ने जान का खतरा बताते हुए चेयरमैन पर कार्रवाई की मांग की।