चरखी दादरी। जिले में आई फ्लू तेजी से फैल रहा है। गत दस दिनों की बात करें तो आई फ्लू के मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। दस दिन पहले की बात करें तो सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 40 मरीज आई फ्लू से ग्रस्त पहुंचते थे जबकि अब इनकी संख्या 120 तक पहुंच रही है। अहम बात ये है कि बच्चे संक्रमण का सर्वाधिक शिकार बन रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कक्षा में एक बच्चे के चपेट में आने के बाद अन्य विद्यार्थी भी इससे संक्रमित हो रहे हैं।
मौसम परिवर्तन के चलते जिले में इन दिनों आंखों संबंधी संक्रमण अपने पांव पसार चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी मरीज को देखने से नहीं फैलती, बल्कि संक्रमित के सपंर्क में आने से फैलती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण कुमार ने बताया कि जब भी किसी को आई फ्लू से संबंधित लक्षण नजर आए तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। चिकित्सक को चेकअप करवाने के बाद ही आईड्रॉप का इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि इस संक्रमण से पीड़ित लोग भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और समय पर दवा का प्रयोग करें।
- संक्रमण से बचने के लिए बरतें ये सावधानी
आई फ्लू का शिकार बने व्यक्ति अपनी आंखों पर चश्मा लगाकर रखें और दूसरों के संपर्क में आने से बचे। आंख पर हाथ स्पर्श न करें और खुजली होने पर तत्काल ठंडे पानी से आंखों को धो लें। अगर कोई आई फ्लू की शिकार बन गया है तो वो आंखों को बर्फ से सेंकते रहे।
- विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी हो रहे संक्रमित
विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन 30 से 35 बच्चे आई फ्लू से संक्रमित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूलों में शिक्षक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे एक-दो नहीं बल्कि कई मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों की राय है कि अगर कोई शिक्षक या विद्यार्थी आई फ्लू का शिकार हो जाता है तो वो ठीक होने तक स्कूल जाने से गुरेज करें।
सिविल अस्पताल में पिछले दस दिनों से आई फ्लू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार तो आई फ्लू ओपीडी 150 तक पहुंच जाती है। इस संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतनी आवश्यक है।
वरुण कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल