चरखी दादरी। लाइन लोस कम करने के लिए बिजली निगम की टीमें लगातार सक्रिय हैं। फरवरी से चेकिंग अभियान चल रहा है और मार्च के मध्य तक 467 को बिजली निगम की टीमों ने पकड़ा है। इन पर करीब 63 लाख रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर इनके खिलाफ अगली कार्रवाई अमल में लाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और लाइन लोस का नया टारगेट मिल चुका है।
फरवरी माह की बात करे तो बिजली निगम की टीमों ने 315 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज भी करवाई है। निगम ने इन उपभोक्ताओं से 42 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जिले में फिलहाल 33 हजार उपभोक्ता डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हैं। बिजली निगम का जिले के उपभोक्ताओं की तरफ 25 करोड़ बकाया है। जिले में छह सब डिविजन हैं। शहर में फिलहाल तीन हजार डिफाल्टर हैं। निगम का शहर में लाइन लोस 21 प्रतिशत है। ग्रामीण क्षेत्र का लाइन लोस 50 से 60 प्रतिशत चल रहा है। निगम प्रत्येक डिफाल्टर उपभोक्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। विभाग ने इसके लिए छह टीमें बना रखी हैं। इस समय शहर का लाइन लोस करीब 21 फीसदी है। शहर की बाहरी कॉलोनियों और गांवों में बिजली चोरी ज्यादा मात्रा में हो रही है।
- डिफाल्टर उपभोक्ताओं के काटे जा रहे कनेक्शन
बिजली निगम की नजर डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर ज्यादा टिकी है। निगम की योजना है कि प्रत्येक डिफाल्टर के पास पहुंचकर रिकवरी की जाए। बिल का पैसा जमा न करने पर कनेक्शन काटा जा रहा है। इसके लिए निगम ने पूरी प्लानिंग से काम शुरू किया हुआ है। एक टीम में चार से पांच कर्मचारियों को शामिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की मदद ली जा रही है।
- 6 टीमें कर रही हैं चेकिंग
निगम की छह टीमें घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से बकाया बिल की रिकवरी कर रही है। जो भी डिफाल्टर बिल राशि का भुगतान नहीं करता है उसी समय कनेक्शन काटा जा रहा है। मीटर भी उखाड़ लिया जाता है। टीमें इन उपभोक्ताओं के लोड आदि की भी जांच कर रही है। लोड नियमों के विपरीत पाए जाने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। निगम ने घरेलू और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ शिकंजा कसा हुआ है।
फरवरी और मार्च में जो बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं उनमें से 315 केस में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं से 42 लाख रुपये की वसूली की गई है। इस समय जिले में 33 हजार डिफाल्टर उपभोक्ता हैं। जो भी डिफाल्टर बकाया राशि जमा करवा देता है उसका कनेक्शन चालू कर दिया जाता है।
-शंकरलाल, एसडीओ, बिजली निगम