जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में धरना देते ठेकेदार।
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों की हड़ताल लगातार जारी है। विभाग अगर जल्द हड़ताल खत्म नहीं करवा पाया और इस बीच बारिश हो गई तो फिर जिलावासियों का परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस समय ठेकेदारों की हड़ताल के चलते शहर और गांवों में विभाग के मरम्मत कार्य ठप हैं। ठेकेदार एसोसिएशन का जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में धरना वीरवार को भी जारी रहा। उन्होंने धरनास्थल पर विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और लंबित मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई।
बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों की हड़ताल की वजह से छोटे स्तर के मरम्मत के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। जलघरों में लगी मोटरें ठीक करवाने का काम ठेकेदार के जरिये ही होता है। इसके अलावा पेयजल पाइप लाइन लीकेज ठीक करने का काम भी ठेकेदार की मार्फत ही करवाया जाता है। वहीं, सीवर लाइन साफ करने की सुपर सकर व जेटिंग मशीन में डीजल का प्रबंध भी ठेकेदार के जरिये किया जाता है। अगर हड़ताल जारी रही तो बारिश होने पर शहर में पानी निकासी का काम भी प्रभावित होगा, क्योंकि ट्रैक्टर पंप आदि की व्यवस्था भी ठेकेदार द्वारा ही करवाया जाता है। सीवर मैनहोल ढक्कन की मरम्मत भी ठेकेदार ही करते हैं। इस प्रकार ठेकेदारों की हड़ताल की वजह से शहर व गांवों में सभी प्रकार के छोटे स्तर के मरम्मत के कार्य प्रभावित होने लगे हैं। कई बार अचानक किसी अधिकारी के निर्देश पर कोई कार्य करना पड़ जाता है, तो वह ठेेकेदार के माध्यम से ही पूरा होता है। यह सब कार्य इस समय प्रभावित होने लगे हैं। वहीं, टेंडर आधारित बड़े प्रोजेक्ट पर फिलहाल काम चल रहा है। इस दौरान सुनील, महेंद्र, कृष्ण, संदीप, राजेंद्र, सोनू, प्रमोद, नरेंद्र, अमित, जयसिंह, रामबिलास व रामभगत आदि ठेकेदार मौजूद रहे।
- करीब साढ़े 17 करोड़ का भुगतान है बकाया
ठेकेदारों का दावा है कि उनकी विभाग की तरफ साढ़े 17 करोड़ की राशि बकाया है। शहरी क्षेत्र के आठ और ग्रामीण क्षेत्र के साढ़े 9 करोड़ रुपये बकाया हैं। यूनियन जिला प्रधान एवं पूर्व चेयरमैन प्रीतम बलाली ने बताया कि विभाग के भुगतान न करने पर उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लेना पड़ा, जबकि विभाग का रवैया अभी भी जस का तस है। इस समय सभी प्रकार के मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अगर किसी जलघर में पानी उठान की मोटर जल गई या सुपर सकर व जेटिंग मशीन चलाने की नौबत आई ,तो ठेकेदार काम नहीं करेंगे।