अधिवक्ताओं को आश्वासन देते उपायुक्त राजेश जोगपाल।
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कंज्यूमर कोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में वकीलों का शुक्रवार को तीसरे दिन भी वर्क सस्पेंड रहा। शाम को डीसी राजेश जोगपाल धरनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने वकीलों को कोर्ट परिसर में ही कंज्यूमर कोर्ट शिफ्ट करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने एलान किया कि अगर जगह की कमी सामने आएगी तो जिला प्रशासन अपने स्तर पर निर्माण भी करवा देगा। जिले के वकील डीसी के आश्वासन से संतुष्ट नजर आए। हालांकि बर प्रधान ने धरना खत्म करने से पहले एलान किया किी अगर सोमवार तक शिफ्टिंग नहीं हुई तो दोबारा से धरना शुरू कर दिया जाएगा।
शाम करीब साढ़े चार बजे वकीलों के बीच पहुंचे उपायुक्त राजेश जोगपाल ने कहा कि उनकी कंज्यूमर फोरम के चेयरमैन से बातचीत हो चुकी है। वे फिलहाल बाहर है और सोमवार को वे दादरी पहुंचेंगे। इसके बाद बातचीत कर कंज्यूमर कोर्ट को किराये के भवन से वापस कोर्ट परिसर में ही शिफ्ट करवाने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने वकीलों से वर्क सस्पेंड के फैसले को वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोर्ट का काम बाधित होने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।
उपायुक्त के आश्वासन के बाद बार एसोसिएशन प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा ने अधिवक्ताओं से बातचीत कर उनकी राया जानी। इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि सोमवार तक अगर कंज्यूमर कोर्ट शिफ्टिंग की कवायद शुरू नहीं हुई, तो वकील फिर से बैठक कर धरना शुरू कर देंगे। वहीं, बार एसोसिएशन प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा ने बताया कि वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते तीसरे दिन भी कोर्ट में मामलों की सुनवाई नहीं हो पाई है।
उपायुक्त के तीन दिन बाद आश्वासन देने के लिए पहुंचने पर ली चुटकी
उपायुक्त राजेश जोगपाल के आश्वासन से जिले के अधिवक्ता संतुष्ट नजर आए। हालांकि उपायुक्त के तीन दिन बाद वकीलों के बीच पहुंचने पर बार एसोसिएशन प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा ने चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि उपायुक्त बीमार थे और इसके चलते तीन दिन बाद वकीलों के बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों ने जो नारेबाजी की है, उससे उपायुक्त ठीक हुए हैं। इस पर धरनास्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि उपायुक्त के खिलाफ कुछ नारे और लगा दें, ताकि उनकी तबीयत में और सुधार देखने को मिले।