चरखी दादरी। स्वच्छता मिशन के तहत 167 में से 145 गांवों में कचरा शेड निर्माण कार्य जारी है। 22 गांव अभी इससे अछूते हैं। इन गांवों में से अगर किसी पंचायत के पास शेड निर्माण के लिए जगह नहीं मिली तो एजेंसी कचरा का दूसरे गांव के टीन शेड तक पहुंचाकर निस्तारण करेगी।
स्वच्छता अभियान के तहत प्रशासन गांवोंं में कचरा शेड का निर्माण करवा रहा है। कचरे का डोर-टू-डोर उठान के बाद में गांवों में बनी कचरा शेड तक पहुंचाया जाता है। कचरा शेड से कूड़े को अलग-अलग किया जाता है। शेड में अलग-अलग हिस्से बना रखे हैं ताकि सूखा, गीला व प्लास्टिक को अलग से रखा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन का काम फिलहाल धीमा ही चल रहा है और नियमित रूप से उठान नहीं हो पा रहा है।
प्रशासन ने 145 गांवों में टीन शेड निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था और कुछ गांवों में शेड का निर्माण हो चुका है। कई गांव ऐसे हैं जिनमें फिलहाल ये कार्य चल रहा है। जिन गांवों में जमीन की समस्या है उनके लिए तीन से पांच किलोमीटर दूरी पर साथ लगते टीन शेड में कचरा रखने की व्यवस्था की जा रही है। पहले चुनाव आचार संहिता की वजह से काम रुका था, लेकिन अब विभाग ने तेज गति से काम शुरू कर दिया है। कचरा उठान के लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं।
सफाई कर्मचारियों की भी बनी कमी
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता मिशन गति नहीं पकड़ पा रहा है। सफाई कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है। उठान का कार्य भी नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है। लोगों की सफाई कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतें बनी रहती हैं। विभाग को कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
- सड़क निर्माण में प्रयोग होता है कचरा
बता दें कि स्वच्छता मिशन की ओर से हायर की गई एजेंसी कचरे का पृथक्करण कर अलग-अलग श्रेणी का कचरा छांटती है। इतना ही नहीं इस कचरे को पीडब्ल्यूडी को बेचा जाता है और विभाग कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण कार्य में करता है। फिलहाल गांवों से एजेंसी की मार्फत कचरा उठान करवाने की टेंडर प्रक्रिया जारी है, जो जल्द पूरी हो जाएगी।
जिस ग्राम पंचायत के पास अपनी जमीन नहीं है, उस गांव का कचरा तीन से पांच किलोमीटर दूर किसी दूसरे गांव में बनी कचरा शेड तक पहुंचाया जाएगा। स्वच्छता मिशन कार्य को अब और गति दी जाएगी।
- रामनिवास, एपीओ, स्वच्छता मिशन