बौंद कलां। पिछले लंबे समय से पेयजल किल्लत का सामना कर रहे गांव फोगाट (सांजरवास) के ग्रामीणों को जल्द इस समस्या से राहत मिलने वाली है। करीब दो महीने में पेयजल किल्लत की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में अलग से जलघर का निर्माण करवाया जा रहा है। जिसका करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जलघर बनने के बाद गांव की पांच हजार की आबादी को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
बता दें कि वर्तमान में गांव फोगाट में सांजरवास जल घर से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जिससे ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल पाता और गांव में पानी की किल्लत बनी रहती है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा चुके थे। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए विभाग की ओर से गांव में अलग से जलघर और पेयजल लाइन बिछवाने के लिए परियोजना तैयार की थी।
इसके लिए मुख्यालय की ओर से करीब छह करोड़ 14 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। जिसके बाद अन्य औपचारिकताएं पूरी करते हुए विभाग की ओर से करीब आठ महीने निर्माण कार्य शुरू करवाया गया जो अब करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी फरवरी माह तक जलघर का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
-लोहारू फीडर से जलघर तक पहुंचेगा पानी
गांव फोगाट में जलघर में बनाए गए सीसी टैंक में पानी भरने के लिए पांच किलोमीटर लंबी पेयजल बिछाई गई है। गांव के टैंक में लोहारू फीडर से पानी सप्लाई किया जाएगा। लोहारू फीडर पर पानी का भंडारण करने के लिए विभाग ने टैंक का निर्माण करवाया है।
-ग्रामीणों को मंगवाने पड़ते हैं टैंकर
गांव फोगाट और सांजरवास का संयुक्त जलघर होने के कारण दोनों गांवों में पेयजल किल्लत की समस्या बनी हुई थी। जिसके चलते गांव फोगाट के ग्रामीण घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए महंगे दामों में पानी के टैंकर मंगवाते हैं और पीने के लिए कैंपर मंगवाए जाते हैं। जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान वहन करना पड़ता है।
गांव फोगाट में अलग जलघर बनाने का कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। फरवरी माह तक काम पूरा कर ग्रामीणों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
-दीपक यादव, जेई जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।