चरखी दादरी। डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के राज्य संगठन सचिव सुंदरपाल फोगाट ने राजकीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति की शर्तों को स्कूल और शिक्षक विरोधी बताया है।
इस नीति में सामान्य स्कूलों के लिए 15 वर्ष की ब्लॉक में सेवा करने की शर्त वर्ष 1971 की बंसीलाल सरकार की याद दिलाती है जिसमें अध्यापकों को प्रताड़ित करने के लिए दूरस्थ स्थानों पर स्थानांतरण किए गए थे। इस नीति के तहत विशेष तौर पर महिलाओं और दिव्यांग के साथ ही उम्रदराज अध्यापकों को भी वर्तमान ब्लॉक छोड़कर दूरदराज के ब्लॉक में जाना पड़ेगा।
फोगाट ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि शिक्षक तनावमुक्त रहें। इस सरकार के घोषणापत्र में महिला कर्मचारियों को उनके गृह या निकटवर्ती जिले में स्थानांतरण देने का वादा किया गया है लेकिन लगी शर्त इस वादे के विपरीत लग रही है।
सुंदरपाल ने कहा कि घर से अधिक दूरी पर तैनात शिक्षक की चिंता बढ़ जाती है। इसका प्रतिकूल प्रभाव कार्य-निष्पादन पर भी पड़ रहा है। यदि गृह या निकटवर्ती जिले में स्थानांतरण का अवसर मिले तो शिक्षक अधिक मनोयोग, समर्पण एवं दक्षता के साथ अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।