बाल अपराध के दोषियों की पुलिस को दें शिकायत: उपायुक्त
चरखी दादरी।
लघु सचिवालय सभागार स्थित उपायुक्त कार्यालय में वीरवार को जिला बाल कल्याण समिति की बैठक आयोजित हुई। उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने कहा कि बाल अपराध के मामलों में पुलिस जांच पूरी गंभीरता से होनी चाहिए और पीड़ित बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग भी करवाई जानी चाहिए। जिला में बच्चों के साथ अपराध में कमी लाने के लिए सेमिनार व समाज में जागरूकता लाई जानी चाहिए। बच्चों के साथ अपराध की अनेक घटनाएं ऐसी होती हैं, जो कि लोक लाज के कारण सामने नहीं आ पाती और माता-पिता चुप होकर बर्दाश्त कर जाते हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गांवों में लोगों को जागरूक करें कि बच्चों के साथ अपराध की घटनाओं में दोषियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाए या फिर बाल कल्याण समिति को इसकी सूचना दें। बच्चों के लिए सरकार की हेल्पलाइन सेवा 1098 का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए।
बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन शिल्पी मड़िया ने उपायुक्त को बताया कि इस साल में जुनाइल एक्ट, पोक्सो एक्ट के आठ मामलों को निपटारा किया जा चुका है और 56 मामले अभी लंबित चल रहे हैं। कोविड से अनाथ हुए दस में चार बच्चों की वेरिफिकेशन हो चुकी है और 6 मामले अभी लंबित है। उपायुक्त ने सीएमओ को ये मामले जल्दी निपटाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक बली सिंह, जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण, सतीश कुमार उपस्थित रहे।