संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कौन-सी दवाएं स्टॉक में खत्म हो चुकी हैं और किन दवाओं का स्टॉक कितना बचा है, इसकी तमाम जानकारी अब सीएमओ कार्यालय में रहेगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात फार्मासिस्ट से दवाओं का ब्योरा हर माह सीएमओ कार्यालय में देना होगा। मार्च तक की दवा के स्टॉक का ब्योरा सीएमओ कार्यालय में पहुंच चुका है।
जिले में सिविल अस्पताल समेत मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 12 पीएचसी हैं। सिविल अस्पताल में 511 प्रकार की दवाओं का प्रावधान है। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 429 प्रकार की और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 246 प्रकार की दवाएं होनी जरूरी हैं। जिले में लंबे समय से स्टॉक में दवाओं की कमी बनी हुई है। इसका असर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है।दवाओं के स्टॉक पर नजर रखने के लिए हाल ही में सीएमओ कार्यालय ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात फार्मासिस्ट से स्टॉक का ब्योरा मांगा था। यह ब्योरा सीएमओ कार्यालय में पहुंच चुका है। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि अब सीएओ कार्यालय में भी इस बात की जानकारी रहेगी कि किन दवाओं का स्टॉक खत्म होने वाला है।
जल्द 50 लाख से अधिक का बजट मिलने की संभावना
दवाओं की खरीद के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त बजट नहीं है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जल्द ही जिले में दवाओं की खरीद के लिए 50 लाख से अधिक का बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सभी स्वास्थ्य केंद्रों से दवाओं की कमी दूर कर दी जाएगी।
सभी फार्मासिस्ट से दवाओं का ब्योरा मांगा गया था जो मिल चुका है। इससे अब स्टॉक की जानकारी रहेगी और दवा खत्म होने से पहले ही पता भी चल जाएगा। दवाओं की खरीद के लिए जल्द बजट मिलने की संभावना है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी