संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग ने घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड करने की कवायद शुरू कर दी है। 35 करोड़ की परियोजना पर एजेंसी ने शुक्रवार से ही काम शुरू कर दिया है। एक साल के अंदर इस परियोजना पर काम पूरा होगा। इसके बाद जलघर से शहरी कॉलोनियों को जोड़ा जाएगा। परियोजना पूरी होने से शहरी आबादी के साथ घिकाड़ा व समीपवर्ती गांवों के लोगों को भी पेयजल संकट से छुटकारा मिलेगा।
शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग गांव घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड करवा रहा है। इसके तहत जलघर में 250 बाई 100 मीटर आकार के दो रिर्जव टैंक बनवाए जाएंगे। दोनों रिजर्व टैंकों में पानी की भंडारण क्षमता 75 एमएलडी होगी। घिकाड़ा जलघर में 90 बाई 90 मीटर के तीन टैंक पहले बने हैं। जलघर की भंडारण क्षमता बढ़ने के बाद इसे पाइपलाइन के जरिये सीधे लोहारू नहर से जोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
35 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत पाइपलाइन भी डाली जाएंगी, जबकि जलघर की मशीनरी को भी जनस्वास्थ्य विभाग एजेंसी की मार्फत बदलवाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्य को पूरा करने के लिए एजेंसी को एक साल का समय दिया गया है।
19 साल बाद बढ़ेगी पेयजल भंडारण क्षमता
शहर के चंपापुरी जलघर का निर्माण करीब 40 साल पहले करवाया गया था। इसके बाद कपूरी जलघर का निर्माण करवाकर शहरी कॉलोनियों को इससे जोड़ा गया। अब करीब 19 साल बाद जनस्वास्थ्य विभाग शहर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने जा रहा है। इस परियोजना से करीब 30 हजार की आबादी को राहत मिलेगी।
पांच किलोमीटर लंबी डाली जाएगी पाइपलाइन
गांव घिकाड़ा जलघर से शहर तक आने वाली मुख्य पेयजल लाइन करीब पांच किलोमीटर लंबी होगी। पेयजल लाइन के चालू होने के बाद शहर के घिकाड़ा रोड कॉलोनी, लोहारू चौक, वार्ड 21 के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सकेगी।
प्रतिदिन हो सकेगी पेयजल आपूर्ति
घिकाड़ा जलघर से शहर की दस से अधिक कॉलोनियों जुड़ेंगी। इससे चंपापुरी और कपूरी जलघर से पेयजल आपूर्ति का बोझ कम होगा। पेयजल परियोजना का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि शहर में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। पिछले कई सालों से शहर में एक दिन छोड़कर आपूर्ति की जा रही है।
गांव घिकाड़ा स्थित जलघर को अपग्रेड करने का कार्य शुरू करवा दिया गया है। लगभग एक साल के अंदर ये कार्य पूरा हो सकेगा। पानी के टैंक तैयार होने के बाद पूरे शहर में पानी की एक समान सप्लाई हो सकेगी। - धीरेंद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग