अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के आवेदकों को 25 दिन की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वाहन चलाने का टेस्ट भी पास करना होगा। जिसके लिए प्रशासन ने दो एजेंसियों को अधिकृत किया है। यह एजेंसियां लाइसेंस बनवाने से पहले 21 दिन की ट्रेनिंग देंगी । प्रशिक्षण लेने के बाद ही लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार सुबह या शाम के ट्रेनिंग ले सकते हैं।
हलके वाहन चालक के प्रशिक्षण के लिए नई नियमावली लागू हुई है। इसके तहत आवेदक को वाहन चलाने का लाइसेंस बनवाने से पहले 21 दिन का वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेना होगा। यह प्रशिक्षण सरकार की ओर अधिकृत एजेंसी द्वारा लेना होगा। 21 दिन की ट्रेनिंग के बाद आवेदक को एजेंसी की ओर से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जिसके बाद आवेदक प्रशिक्षु लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेगा। शहर में वाहन चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए बालाजी ड्राइविंग सेंटर व पहल ड्राइविंग सेंटर शामिल हैं। इसी प्रकार बाढड़ा में भी एजेंसी खोले जाने पर विचार किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि वाहन चलाने का लाइसेंस बनवाने के लिए पहले बिना ट्रेनिंग के ही सीधे आवेदन करना होता था। जो वाहन चलाना नहीं जानते थे वे भी आसानी से लाइसेंस बनवा लेते थे। वैसे तो लाइसेंस बनवाने से पहले वाहन चलाने का टेस्ट भी लिया जाता था लेकिन बीच में दलालों की सक्रियता की वजह से लाइसेंस बनतेे आ रहे थे। पिछले दिनो सीएम फ्लाइंग द्वारा लाइसेंस शाखा में छापा भी मारा गया था। टीम को इसमें काफी खामियां मिली थी। कुछ कर्मचारी व दलाल भी पकड़ में आए थे। प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान लाइसेंस बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने 21 दिन की ट्रेनिंग कर रखी हैं वे ट्रेनिंग प्रमाण पत्र सरल केंद्र में जमा करवा अपना लाइसेंस बनवा सकते हैं।
सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत लाइसेंस बनाने लिए नई नियमावली जारी कर दी है। आवेदक को कुल 25 में से 21 दिन की ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। सरकारी कर्मचारी ड्यूटी से पहले या बाद में ट्रेनिंग पूरी कर सकते हैं। नई नियमावली के तहत वाहन चालकों के लाइसेंस बनाने का काम शुरू कर दिया है।
-वीरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी।