शहर में बनाया बरसाती नाला गंदगी से भरा।
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चरखी दादरी। मानसून की दस्तक के साथ दादरी में जलभराव से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग का दावा है कि यदि शहर के सभी प्रमुख सीवर नालों, जोहड़ों और बावड़ियों की नियमित सफाई के साथ सीवर लाइनों को भी पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाए तो शहर करीब 450 एमएम तक की बारिश का दबाव झेल सकता है।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सबसे बड़ी चुनौती 175 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन की सफाई और उसकी कार्यक्षमता बहाल करना है। शहर के बीच स्थित डूंगरवाला जोहड़ पूरे जल निकासी तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। शहर की लगभग 70 प्रतिशत बारिश का पानी इसी जोहड़ में पहुंचाया जाता है। यहां से मोटरों के माध्यम से पानी को उठाकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक भेजा जाता है। इसके अलावा शहर के करीब 12 प्रमुख बरसाती नालों की सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
यहां समस्या ज्यादा : शहर के रेलवे रोड, रोहतक रोड, तिकोना पार्क, घिकाड़ा रोड और ढाणी रोड के बरसाती नाले जल निकासी की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण हैं। वहीं तिकोना पार्क, चरखी दरवाजा, गांधी नगर कॉलोनी, पूर्ण मार्केट, रोहतक रोड, प्रेमनगर कॉलोनी और शनिदेव मंदिर वाली गली समेत कई क्षेत्रों में सीवर लाइनें अक्सर जाम रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते जैटिंग मशीन से सफाई नहीं कराई गई तो सामान्य बारिश भी जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है।