बाल कल्याण परिषद की ओर से आयोजित गतिविधियों में शामिल विद्यार्थी।
चरखी दादरी। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से शनिवार को परिषद कार्यालय में स्थित डे-केयर सेंटर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में बच्चों ने खेल, नृत्य, कहानी-सुनाने, चित्रकला और मनोरंजक गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए फन एक्टिविटी कॉर्नर तैयार किया गया।
इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं। यदि बच्चे खुश हैं तो भगवान भी खुश होते हैं। किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और खुशहाली में ही निहित है। उन्होंने कहा कि बाल दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के प्रति हमारे दायित्वों की पुनः स्मृति है।
डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि माता-पिता और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सकारात्मक संस्कार मिले ताकि वे भविष्य में सशक्त नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल के मार्गदर्शन में जिला बाल कल्याण परिषद बच्चों के सर्वांगीण, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। परिषद समय-समय पर ऐसी विविध गतिविधियों का आयोजन करती है जो बच्चों को न केवल सीखने का अवसर देती हैं बल्कि उनकी विभिन्न प्रतिभाओं को भी निखारती हैं।
परिषद की ओर से आयोजित गतिविधियों में रुचिकर कक्षाएं, बाल महोत्सव, सांस्कृतिक एवं कला प्रतियोगिताएं, खेलकूद प्रतियोगिताएं, नशा निषेध जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। कार्यक्रम में अक्षमा शर्मा, उदय कुमार, सूबे सिंह, आयुष कुमार, संदीप कुमार, ममता, निर्मला, प्रेम, भतेरी, ललिता उपस्थित रहे।