चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में वीरवार को ढाई घंटे बिजली गुल रहने से मरीजों और स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक से लेकर ऑपरेटर तक टॉर्च की रोशनी में काम करते नजर आए। वहीं, इसके चलते दिव्यांगों के मेडिकल का कार्य भी बाधित हुआ और इससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। करीब ढाई घंटे बाद भी बिजली न आने पर जेनरेटर चालू किया गया और तब जाकर व्यवस्था पटरी पर लौटी। वहीं, सीएमओ डॉ. कृष्ण सिंह का कहना है कि जल्द ही दो नए जेनरेटर खरीदे जाएंगे और इस संबंध में डिमांड भेजी जा चुकी है।
दरअसल वीरवार को सिविल अस्पतालों में दिव्यांगों के नए मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। इसके चलते वीरवार सुबह साढ़े आठ बजे ही दिव्यांग सिविल अस्पताल पहुंच गए। सुबह ही अस्पताल की बत्ती गुल हुई थी जो साढ़े 11 बजे जाकर बहाल हो पाई। इससे पहले चिकित्सकों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी मे मरीजों का उपचार किया। संवाददाता ने इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। चिकित्सक कक्ष के पास संवाददाता जब ऑपरेटर कक्ष के पास पहुंचा तो वहां भी ऑपरेटर व अन्य कर्मचारी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में काम करते मिले।
दूसरी ओर व्यवस्थाओं की कमी पर मरीजों ने नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। उनका कहना है कि वो दिव्यांगता का मेडिकल कराने पहुंचे थे लेकिन यहां न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पंखों का प्रबंध है। इसके अलावा दिव्यांगों का कहना है कि उनके लिए पीने के पानी तक का प्रबंध विभाग की ओर से नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।
डिप्टी सीएमओ ने निरीक्षण कर सुधार के दिए निर्देश
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने अस्पताल के पुराने भवन परिसर का वीरवार को निरीक्षण भी किया। उन्होंने अंधेरा को देखते हुए गैलरी में लाइट, दिव्यांगों के लिए बैठने का प्रबंध और पंखों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां पानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
रेफर करने पर मरीजों और तीमारदारों न जताया रोष
दिव्यांगता का मेडिकल कराने पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों ने विशेषज्ञों की कमी पर रोष जताया। उनका कहना है कि टेस्ट के लिए यहां से रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है। इसके चलते दिव्यांगों के साथ उनके तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ बड़े टेस्ट के लिए ही मरीजों को पीजीआई रोहतक या दूसरे जिलों के अस्पताल में रेफर किया जा रहा है।
दिव्यांगों के परिजन बोले: भीषण गर्मी में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं
सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाओं का अभाव है। गर्मी के मौसम में बिजली जाने पर पंखे की और पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं है। मरीज और तीमारदार काफी परेशान हैं।
-जितेंद्र, दिव्यांग का परिजन
विभागीय अधिकारियों को यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए, ताकि मरीजों को दिक्कतें न झेलनी पड़े। यहां दिव्यांगता का मेडिकल कराने आए लोगों के लिए कोई प्रबंध नहीं है।
- सतबीर, दिव्यांग का भाई
आज बिजली फॉल्ट आने के चलते थोड़ी समस्या बनी। हमने दो जेनरेटर की डिमांड भेज दी है। जो टेस्ट सुविधा सिविल अस्पताल में नहीं है उसी के लिए मरीजों को रोहतक पीजीआई भेजा जा रहा है।
डॉ. कृष्ण सिंह, सीएमओ, चरखी दादरी