चरखी दादरी। शहर में 31 मार्च के बाद बिजली पोल की कहीं कमी नहीं रहेगी। बिजली परियोजना के तहत बिजली निगम इस समय अवधि तक शहर में 1800 नए पोल लगाएगा जिससे गर्मी सीजन के दौरान बिजली आपूर्ति में व्यापक सुधार आएगा। अधिकारियों का दावा है कि 31 मार्च से पहले पोल लगाने का काम पूरा हा जाएगा।
अधिकारियों की माने तो गर्मी सीजन में बिजली की खपत 15 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। नगर में इस समय बिजली की खपत करीब 85 लाख यूनिट प्रति माह है। निगम की शहर में 24 घंटे व गांवों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति की समयसारिणी है।
बिजली निगम ने बीते दस साल में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार किया है। उसके बावजूद शहर की करीब 12 कॉलोनियों में गांवों में बने बिजली पावर सब स्टेशनों से बिजली सप्लाई करनी पड़ रही है जबकि शहर के उपभोक्ताओं को शहरी तर्ज पर बिजली बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। शहर की इन कॉलोनियों को नगर से ही बिजली आपूर्ति करने की मांग लगातार उठती आ रही है।
800 झुके पोल और 200 जगहों पर ढीले तार किए जाएंगे दुरुस्त
विदित रहे बिजली निगम जिला भर में झुके हुए 800 पोल को भी ठीक करने में जुटा है। ये पोल हादसों के कारण एवं आपूर्ति में बाधक बन रहे हैं। इसी तरह 200 स्थानोंं पर ढीले तारों को कसने का काम किया जा रहा है। यह काम भी 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। यह काम पूरा होने पर आपूर्ति में 80 प्रतिशत तक सुधार आएगा।
फॉल्ट के चलते समयसारिणी अनुसार नहीं मिल पा रही आपूर्ति
निगम की शहर में 24 घंटे व गांवों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति की समयसारिणी है। जिन गांवों में जगमग योजना का काम पूरा हो चुका है उनमें 24 घंटे बिजली दी जाती है। लाइनों में फॉल्ट ज्यादा होने की वजह से आपूर्ति 24 में से 22 घंटे ही मिल जाती है। गांवों में खेतों में लगे पोल ज्यादा टूटते हैं इसकी वजह से दिक्कत ज्यादा आती है।
10 नए ट्रांसफार्मर लगाने की भी योजना
बिजली निगम आपूर्ति में सुधार एवं विस्तार के लिए लगातार काम कर रहा है। नए पावर सब स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं। पुरानी तारों को भी बदला जा रहा है। नए पोल व ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। समय-समय पर मेंटिनेंस भी की जाती है। पावर सब स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जा ही है। 31 मार्च तक 10 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे।
नए पोल लगाने का काम 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। एजेंसी के माध्यम से काम करवाया जा रहा है। गर्मी सीजन में बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी। आपूर्ति निर्बाध रूप से हो सकेगी।
-महेश कुमार, जेई, बिजली निगम