चरखी दादरी /बाढड़ा। जिले की मंडियों और खरीद केंद्रों पर सरसों और गेहूं की खरीद व उठान कार्य बुधवार को भी जारी रहा। दो मंडियों और एक केंद्र पर 35,238 क्विंटल सरसों की आवक हुई, जबकि खरीद 37,146 क्विंटल की हुई। इसी प्रकार 5 खरीद केंद्रों पर 2,813 क्विंटल गेहूं पहुंचा जिसमें से 22,500 क्विंटल की खरीद की गई। बुधवार को दोनों मंडियों और तीन खरीद केंद्रों पर 1,287 गेटपास कटे।
जिले में सरसों की खरीद दादरी व बाढड़ा मंडी समेत झोझूकलां केंद्र पर हो रही है। तीनों केंद्रों पर अब तक 7.93 लाख क्विंटल सरसों पहुंची है जिसमें से एजेंसी 5.05 लाख क्विंटल सरसों खरीद कर चुकी है। खरीदी गई सरसों में से तीन लाख क्विंटल का उठान हो चुका है, जबकि 2.05 लाख क्विंटल सरसों मंडियों में पड़ी है। मंडियों में पहुंची सरसों में से 2.88 लाख क्विंटल की अभी खरीद बाकी है। शुक्रवार को तीनों जगहों से 10,048 क्विंटल सरसों का उठान करवाया गया।
जिले में गेहूं की खरीद 5 केंद्रों पर की जा रही है। अब तक इन केंद्रों पर 2.21 लाख क्विंटल गेहूं पहुंचा है। इसमें से एजेंसी 1.53 लाख क्विंटल की खरीद कर चुकी है। अब तक खरीदे गए गेहूं में से 48,771 क्विंटल का उठान करवाया जा चुका है, जबकि 1.02 लाख क्विंटल गेहूं मंडियों व खरीद केंद्रों पर पड़ा है।
दादरी मंडी में पहुंचे 1,365 किसान
बुधवार को दादरी मंडी में 1,365 किसान सरसों व गेहूं बेचने पहुंचे। 1,190 किसानों ने सरसों बेचने के लिए गेटपास कटवाए। मंडी में 22,137 क्विंटल सरसों की आवक हुई है, जबकि 16,680 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। दादरी मंडी में बुधवार को 175 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए गेटपास कटवाए। शाम तक दादरी मंडी में 10,386 क्विंटल गेहूं की आवक और 1,130 क्विंटल की खरीद हुई। दादरी मंडी से बुधवार काे 7,450 क्विंटल सरसों और 5,000 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ।
ये रही खरीद व आवक की स्थिति
बाढड़ा मंडी में बुधवार को 512 किसानों ने गेटपास कटवाए। 359 गेटपास सरसों और 153 गेहूं के लिए कटवाए गए। बुधवार को मंडी में 6,052 क्विंटल सरसों की आवक और 8,582 क्विंटल की खरीद की गई। इसी प्रकार मंडी में 10,464 क्विंटल गेहूं की आवक और 2,382 क्विंटल की खरीद हुई। बाढड़ा मंडी से 1,564 क्विंटल गेहूं और 2,018 क्विंटल सरसों का उठान करवाया गया।
जिले में खरीद के साथ सरसों की उठान प्रक्रिया जारी है। बुधवार को जिले से 10,000 क्विंटल से अधिक सरसों का उठान कर गोदाम तक पहुंचाई गई। - ईश्वर सिंह मोर, प्रबंधक, हैफेड।