30 साल पुराने काले रंग के मीटर निकालते हैं कम रीडिंग, बिजली निगम को लगती है चपत
पहले चरण में बदली नहीं हो पाए थे सभी मीटर, अब लक्ष्य पूरा करेंगी बिजली निगम की टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बिजली निगम ने 30 साल पुराने काले रंग के मीटर बदलने का काम शुरू कर दिया है। आज भी जिले में इन मीटरों की संख्या करीब 800 है। ये मीटर उस समय के लगे थे जब प्रदेश में बिजली आपूर्ति की शुरुआत हुई थी। आजकल एलईडी बल्ब से ये मीटर रीडिंग बहुत कम निकालते हैं। इसके चलते खपत अधिक होने और बिल कम आने के कारण बिजली निगम को घाटा झेलना पड़ता है।
बिजली निगम ऐसे प्रत्येक बिंदु पर काम रहा है, जिससे बिजली की खपत कम से कम हो और निगम को घाटा भी नहीं झेलना पड़े। उपभोक्ताओं को भी फायदा हो। बिजली निगम ने तकरीबन भागों में कंप्यूटराइज मीटर पोल पर लगा रखे हैं। आज से तीन दशक पहले मीटर घरों के अंदर होते थे, जिससे चोरी होती थी। जयपुर वाले काले मीटर से तो चोरी करना और भी आसान रहा है।
बिजली निगम अधिकारियों की मानें तो काले मीटर में सीधे तार लगाकर चोरी की जा सकती है। वैसे भी यह मीटर उस समय लगते थे, जब 60,100 व 200 वाॅट के बल्ब होते थे। इन बल्बों में ही काले मीटर काफी कम रीडिंग निकालते थे। औसत रीडिंग नहीं निकल पाती थी, अब तो एलईडी बल्ब में काले मीटर बेहद कम रीडिंग निकाल रहे हैं। इससे निगम को नुकसान होता रहा है। घरों के अंदर रीडिंग लेना भी आसान नहीं होता था।
- बाढड़ा खंड में 100 से ज्यादा मीटर
अब बिजली निगम ने जयपुर वाले इन काले रंग के मीटरों को उखाड़कर कंप्यूटराइज लगाने का काम शुरू कर दिया है। अकेले बाढड़ा खंड में 100 से ज्यादा काले मीटर लगे हैं। उपभोक्ताओं को भी अपने आप मीटर बदलवाने के लिए कहा जा रहा है। उपभोक्ता इसमें कम रुचि ले रहे हैं। इसे देखते हुए निगम अब सूची के साथ घर-घर जाकर काले मीटरों को उखाड़ आधुनिक नए मीटर लगा रहा है।
वर्सन :
जल्द ही काले रंग के जयपुर वाले मीटर बदल दिए जाएंगे। इनकी सूची बनाकर घर-घर जाकर उखाड़ा जा रहा है। इनकी जगह कंप्यूटराइज मीटर लगाए जा रहे हैं।
-राम सिंह, एसडीओ, बिजली निगम
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घरों से बाहर पोल पर लगे पिलर बॉक्स में लगे नए बिजली मीटर। संवाद