चरखी दादरी। अब आने वाले कुछ ही माह में शहर के लोगों को सीवर मिक्स पेयजल आपूर्ति से छुटकारा मिल जाएगा। दूषित पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने योजना तैयार कर ली है। इसके तहत कई मुख्य लाइनों को बदला जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग करीब 2.50 करोड़ का बजट खर्च करेगा।
शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें कंडम एवं खराब स्थिति में हैं। इससे पेयजल लाइनों में सीवर का पानी मिक्स होकर सप्लाई हो रहा है। बता दें कि शहर में पेयजल की गुणवत्ता लंबे समय से नहीं है। शहर में करीब 150 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनें हैं। जिस समय शहर का जलघर बना था, उस दौरान ये मुख्य लाइनें बिछाई गई थीं। ये मुख्य लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ-साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी हैं। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिक्स होकर सप्लाई हो रहा है। जिस समय पेयजल लाइनें बिछाई गई थी उस समय पुरानी तकनीक थी। अब विभाग हर जगह लोहे की डीआई पाइप लाइनें बिछा रहा है। खास बात ये है कि इन पाइप में जंग नहीं लगता और इनकी उम्र भी लंबी होती है।
शहर में इस समय दो जलघर हैं। मुख्य जलघर चंपापुरी मेेंं और दूसरा रामनगर में बना है। चंपापुरी जलघर करीब 45 साल पुराना है। शहर के लोगों की लंबे समय से सीवर युक्त पानी की शिकायत बनी हुई है। खासकर पुराने शहर एरिया में हालात ज्यादा खराब हैं। नई काॅलोनियोंं में यह समस्या कुछ हद तक कम है। दूषित पेयजल आपूर्ति से ही पेट, लीवर, आंत संबंधी रोगों को ज्यादा बढ़ावा मिलता है। जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए योजना तैयार की है। इसके बाद दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या से राहत मिल जाएगी। जल्द ही इस काम को पूरा किया जाएगा। इसके तहत पुरानी लाइनों को बदला किया जाना है।
- इन कॉलोनियों में बनी है समस्या
शहर में इस समय दस से अधिक कॉलोनियों में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी है। इनमें गांधी नगर, प्रेम नगर, हरि नगर, वाल्मीकि बस्ती, रविदास नगर, सरदार झाडू सिंह चौक, परशुराम चौक, प्रोफेसर कॉलोनी, आश्रम रोड आदि कॉलोनियां शामिल हैं। करीब दस हजार लोग दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या का दंश झेल रहे हैं।
- यूं किया जाएगा समाधान
जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में जर्जर पड़ी पेयजल लाइनों का पता लगा लिया है। विभाग की ओर से जरूरत अनुसार इन क्षतिग्रस्त लाइनों को बदला जाएगा। पेयजल लाइनें बदलने के बाद सीवर लाइन का पानी इनमें मिक्स नहीं होगा और इससे दूषित व सीवर मिक्स पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान हो जाएगा।
विभाग ने सीवर मिक्स पानी की समस्या दूर करने के लिए योजना तैयार कर ली है। जहां भी पेयजल लाइनें कंडम एवं सीवर लाइनों से कनेक्ट हैं उनको बदल दिया जाएगा। नई पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी और जल्द ही ये काम शुरू करवाया जाएगा। -शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग