माई सिटी रिपोर्टर
चरखी दादरी। जिले की तीनों मंडियों में बाजरे की आवक बढ़ती जा रही है परंतु सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हो पा रही है। अधिकारियों की मानें तो मंडी में आने वाला बाजरा इस गुणवत्ता का नहीं है कि उसकी एमएसपी तक खरीद पहुंच पाए।
मार्केट कमेटी सचिव विजय कुमार के अनुसार, बाजरे का भाव 2050 से 2100 रुपये तक जा रहा है। सरकार की तरफ से जो भावांतर दिया जा रहा है वह 575 रुपये प्रति क्विंटल है। ये भी सिर्फ उन्हीं के लिए है जो मेरी फसल, मेरी ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान हैं।
सचिव के अनुसार, जिले में अबकी बार बाजरे की आवक कम रहने के आसार हैं। पिछली बार यह 4 लाख क्विंटल तक पहुंच गई थी। अबकी बार मौसम की मार, कम उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता नहीं रहने के कारण आवक एक लाख क्विंटल तक पहुंचने की भी संभावना नहीं है। अधिकारी के अनुसार अब तक 7000 क्विंटल बाजरा के जे फार्म सत्यापित हो चुके हैं।
शुक्रवार को तीनों मंडियों में 209 गेट पास कटे : मार्केट कमेटी के अनुसार, शुक्रवार को जिले की तीनों मंडियों दादरी, बाढड़ और झोझू में क्रमश: 178, 13, 18 गेट पास कटे और आवक 5840 क्विंटल दर्ज की गई। इसमें 4695 क्विंटल दादरी मंडी, 503 बाढड़ा और 642 क्विंटल आवक झोझू की मंडी में दर्ज की गई। अब तक तीनों मंडियों में कुल 1222 गेट पास कटे हैं। कुल आवक 33,129 क्विंटल दर्ज की गई है।
निजी व्यापारी भी खरीद रहे हैं बाजरा : दूसरी तरफ मंडी में निजी व्यापारी भी बाजरा खरीद रहे हैं। 23 सितंबर से बाजरे की खरीद शुरू होने के बाद से निजी व्यापारी अब तक कुल 19,924 क्विंटल बाजरा खरीद चुके हैं।
इसमें बाढड़ा में पहली बार शुक्रवार को 730 क्विंटल बाजरे की खरीद निजी व्यापारियों ने की है। दादरी मंडी में शुक्रवार को 4357 क्विंटल बाजरा निजी व्यापारियों ने खरीदा है।